हमीम मंडल तैयार कर रहा था तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान मॉड्यूल, बंगाल के 6 मंत्री थे टारगेट

Kolkata:एसटीएफ को हमीम के मोबाइल फोन और डिजिटल चैट की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं. जांच एजेंसी के अनुसार, हमीम केवल एक आतंकी नेटवर्क के संपर्क में नहीं था, बल्कि कथित तौर पर तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH)से भी जुड़ा हुआ था. जांच में इस नेटवर्क की गतिविधियों और उसके संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है.
 

Kolkata: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संदिग्ध आतंकी हमीद मंडल उर्फ हमीम की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे किए हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार, हमीम पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी हैंडलर्स के निर्देश पर 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH)' का मॉड्यूल तैयार कर रहा था. शुरुआती जांच में पुलिसकर्मियों और जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाने की साजिश का भी खुलासा हुआ है.

पाकिस्तान से मिल रहे थे निर्देश

एसटीएफ की जांच के मुताबिक, हमीम सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क से लगातार संपर्क में था. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रस्तावित हमले कब और कहां किए जाने थे। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के आसपास किसी बड़े हमले की योजना तो नहीं बनाई गई थी.

हनीट्रैप के जरिए नेताओं को फंसाने की साजिश

जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से संचालित एक आतंकी नेटवर्क ने पश्चिम बंगाल के कई जनप्रतिनिधियों और उनके परिजनों को कथित तौर पर हनीट्रैप में फंसाने की योजना बनाई थी. एसटीएफ के अनुसार, इस काम की जिम्मेदारी हमीम की महिला सहयोगी अर्पिता सरकार को सौंपी गई थी.

जांच के दौरान पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क से जुड़े दो कथित कमांडरों अजमल गुर्जर और राजा के नाम भी सामने आए हैं. एजेंसियों का दावा है कि ये लोग सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न राज्यों में युवाओं की भर्ती की कोशिश कर रहे थे.

मोबाइल चैट से मिले अहम सुराग

एसटीएफ को हमीम के मोबाइल फोन और डिजिटल चैट की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं. जांच एजेंसी के अनुसार, हमीम केवल एक आतंकी नेटवर्क के संपर्क में नहीं था, बल्कि कथित तौर पर तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) से भी जुड़ा हुआ था. जांच में इस नेटवर्क की गतिविधियों और उसके संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है.

पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की थी योजना

जांच एजेंसियों के मुताबिक, संदिग्ध आतंकी नेटवर्क पश्चिम बंगाल में पुलिस अधिकारियों पर हथियारबंद हमलों की योजना बना रहा था. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि देश विरोधी पोस्टर लगाने के लिए लोगों को पैसे देने और हमलों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.

स्लीपर सेल और हथियार जुटाने की कोशिश

एसटीएफ का कहना है कि हमीम अकेला काम नहीं कर रहा था. जांच के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स सोशल मीडिया के जरिए कई लोगों के संपर्क में थे और पश्चिम बंगाल में TTH मॉड्यूल तथा स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश कर रहे थे. एजेंसियों को आशंका है कि हथियार और फंड जुटाने के लिए भी एक नेटवर्क विकसित किया जा रहा था.

जांच जारी, कई पहलुओं की पड़ताल

पश्चिम बंगाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल चैट और संदिग्धों के नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी.