NEET-UG अभ्यर्थी के लिए हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश

Calcutta High Court NEET EWS Certificate Immediately: कलकत्ता हाईकोर्ट ने NEET-UG 2026 के अभ्यर्थी प्रियंशु मुखर्जी की EWS सर्टिफिकेट की मांग पर राहत दी है. कोर्ट ने उत्तर 24 परगना के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को आवेदन पर तुरंत विचार करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SIR के दौरान अभ्यर्थी की मां का नाम वोटर लिस्ट से हटना EWS पात्रता तय करने का आधार नहीं बनाया जा सकता.
 

Calcutta High Court NEET EWS Certificate Immediately: NEET-UG परीक्षा में सफल एक मेधावी अभ्यर्थी को EWS प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने पश्चिम बंगाल के प्रशासनिक अधिकारियों को अभ्यर्थी के आवेदन पर तुरंत विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अभ्यर्थी EWS श्रेणी के सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करता है, तो उसे बिना देरी के प्रमाण पत्र जारी किया जाए, ताकि उसकी MBBS में दाखिले की प्रक्रिया प्रभावित न हो।

यह मामला NEET-UG में सफल प्रियांशु मुखर्जी से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने EWS प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार किए जाने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था।

SIR के बाद EWS सर्टिफिकेट पर अटका मामला

प्रियांशु मुखर्जी के मुताबिक, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में उनकी मां का नाम नहीं होने का हवाला देकर स्थानीय प्रशासन ने उन्हें EWS प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर दिया था।

प्रियांशु NEET-UG परीक्षा पास कर चुके हैं और MBBS पाठ्यक्रम में दाखिला लेना चाहते हैं। ऐसे में EWS प्रमाण पत्र नहीं मिलने की वजह से उनकी एडमिशन प्रक्रिया पर असर पड़ने की आशंका थी।

हाईकोर्ट ने ADM को दिया सख्त निर्देश

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने इस तथ्य पर भी गौर किया कि याचिकाकर्ता ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदान किया था।

इसके बाद कोर्ट ने उत्तर 24 परगना जिले के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) को निर्देश दिया कि वह प्रियांशु मुखर्जी के EWS प्रमाण पत्र के आवेदन पर अविलंब विचार करें और नियमों के मुताबिक उचित आदेश पारित करें।

अदालत ने साफ कहा कि यदि याचिकाकर्ता EWS श्रेणी के लिए निर्धारित सभी पात्रता और मानदंडों को पूरा करता है, तो उसे तुरंत EWS प्रमाण पत्र जारी किया जाए।

MBBS दाखिले में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा मामला

हाईकोर्ट के निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण NEET-UG में सफल अभ्यर्थी के MBBS दाखिले में अनावश्यक बाधा न आए। कोर्ट ने प्रशासन को पात्रता के आधार पर आवेदन पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी। अब नजर इस बात पर रहेगी कि ADM की ओर से EWS प्रमाण पत्र के आवेदन पर क्या निर्णय लिया जाता है और प्रियांशु मुखर्जी को MBBS दाखिले के लिए प्रमाण पत्र समय पर मिल पाता है या नहीं।