‘घर तबाह हो गया, रिश्तेदार लापता हैं’, नेपाल बाढ़ की तबाही से दिल्ली में छलका अपनों का दर्द

Nepal Flood Tragedy: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद दिल्ली में रह रहे नेपाली नागरिक अपने परिवार और रिश्तेदारों की खबर पाने के लिए लगातार फोन कर रहे हैं. कई लोगों के फोन संपर्क से बाहर हैं और प्रभावित इलाकों से सही जानकारी नहीं मिल पा रही है. 
 

Nepal Flood Tragedy: नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। बाढ़ और उसके बाद बने हालात में अब तक 162 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 41 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा के बाद 844 लोग लापता हैं। इनमें कम से कम 133 भारतीय और 466 विदेशी नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं।

नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ का असर दिल्ली में रह रहे नेपाली नागरिकों के बीच भी साफ दिखाई दे रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले अपने परिजनों और रिश्तेदारों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण लोग बेहद चिंतित हैं। कई परिवारों को अब तक अपनों की कोई खबर नहीं मिल सकी है।

'हमारा घर पूरी तरह बह गया, परिजनों से संपर्क नहीं'

दिल्ली में मौजूद नेपाली नागरिक सुरेंद्र कुमार ने बाढ़ की भयावह स्थिति बताते हुए कहा कि उनके इलाके में भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि उनका घर पूरी तरह बह गया है और परिवार के लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

सुरेंद्र कुमार ने कहा कि फोन नहीं लग रहे हैं और उन्हें यह तक पता नहीं चल पा रहा कि उनके परिजन कहां हैं और किस स्थिति में हैं। उनके कई रिश्तेदार अब भी लापता हैं।

उन्होंने कहा कि वह खुद बाढ़ प्रभावित इलाके के रहने वाले हैं और वहां भारी तबाही हुई है। सुरेंद्र ने बताया कि वह दिल्ली में हैं, लेकिन जल्द ही नेपाल के प्रभावित क्षेत्र में जाकर अपने परिजनों की तलाश करने की कोशिश करेंगे।

'मेरे भाई-बंधु और रिश्तेदार गुम हो गए हैं'

दिल्ली में मौजूद एक अन्य नेपाली नागरिक ने बताया कि उनके करीबी लोग बाढ़ प्रभावित इलाके में रहते हैं, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि अपनों की जानकारी नहीं मिलने के कारण परिवार और परिचित बेहद परेशान हैं।

उन्होंने सरकार से अपील की कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे और लापता लोगों तक जल्द से जल्द राहत और बचाव दल पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि इस समय ऐसा दर्द है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

उनके मुताबिक, व्यक्तिगत तौर पर उनका कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन उनके दोस्तों और परिचितों के परिवार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हैं। उनकी कंपनी से जुड़े कई लोगों के परिजन भी वहां फंसे हुए हैं। कंपनी के कुछ ड्राइवर भी प्रभावित इलाकों में गए थे, लेकिन उनसे भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।

गोसाईंबाड़ा में पर्यटकों को लेकर भी चिंता

दिल्ली में रह रहे नेपाली नागरिकों ने बताया कि गोसाईंबाड़ा इलाके में इस समय बड़ा मेला लगता है और बड़ी संख्या में पर्यटक वहां पहुंचते हैं। ऐसे में अचानक आई बाढ़ के बाद वहां फंसे लोगों और पर्यटकों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ ने कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। सड़क और संचार व्यवस्था बाधित होने की वजह से प्रभावित परिवारों को अपनों की जानकारी हासिल करने में परेशानी हो रही है।

'हालात बहुत खराब, फोन भी नहीं लग रहे'

एक अन्य नेपाली नागरिक ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य सीधे तौर पर प्रभावित नहीं हैं, लेकिन उनके दोस्तों के परिवार बाढ़ की चपेट में आए इलाकों में हैं। उनसे लगातार संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन फोन नहीं लग रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी परेशानी यह है कि लोगों को यह पता नहीं चल पा रहा कि उनके रिश्तेदार कहां हैं और किस हालत में हैं। ऐसे में नेपाल में रह रहे लोगों के परिजन दिल्ली समेत भारत के अलग-अलग हिस्सों में बेहद चिंतित हैं।

भारत से लगातार भेजी जा रही मदद

नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान तेज किया गया है। वहीं, भारत की ओर से भी प्रभावित लोगों की मदद के लिए सहायता भेजी जा रही है। बड़ी संख्या में भारतीय और विदेशी नागरिकों के लापता होने की खबर के बाद उनके परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।

फिलहाल राहत और बचाव एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। वहीं, दिल्ली में मौजूद नेपाली नागरिकों को उम्मीद है कि जल्द ही उनके परिजनों और रिश्तेदारों की जानकारी मिल सकेगी।