‘मैं बांग्लादेश वापस लौटना चाहती हूं…’ शेख हसीना का बड़ा बयान

National: भारत में पिछले करीब दो वर्षों से रह रहीं शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने की इच्छा जाहिर की. उन्होंने कहा कि वह अपने देश और वहां के लोगों से कभी अलग नहीं हुईं. उन्होंने संकेत दिया कि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो वह दिसंबर में बांग्लादेश लौट सकती हैं.
 

National: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पद से अपदस्थ होने के करीब दो साल बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखी. दिल्ली में आयोजित FCC South Asia कार्यक्रम में शेख हसीना वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं. हालांकि, इस दौरान उनका कैमरा बंद रहा और कार्यक्रम में उनकी केवल आवाज सुनाई दी.

भारत में पिछले करीब दो वर्षों से रह रहीं शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने की इच्छा जाहिर की. उन्होंने कहा कि वह अपने देश और वहां के लोगों से कभी अलग नहीं हुईं. उन्होंने संकेत दिया कि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो वह दिसंबर में बांग्लादेश लौट सकती हैं.

‘मुझे मेरे देश से दूर कर दिया गया, लेकिन लोगों से कभी अलग नहीं हुई’

अपने संबोधन में शेख हसीना ने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति के तौर पर बात कर रही हैं, जिसने अपना पूरा जीवन बांग्लादेश के लोगों के साथ बिताया है. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने देश से दूर कर दिया गया, लेकिन वह कभी अपने लोगों से अलग नहीं हुईं.

शेख हसीना ने पिछले दो वर्षों के दौरान बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने प्यारे बांग्लादेश को पीड़ित होते देखा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा बांग्लादेश वह देश नहीं है जिसे उन्होंने और उनकी सरकार ने बनाया था. उन्होंने 1971 के मुक्ति संग्राम का जिक्र करते हुए कहा कि यह वह बांग्लादेश भी नहीं है, जिसके लिए लाखों लोगों ने अपना जीवन बलिदान किया था.

जुलाई-अगस्त 2024 की हिंसा पर क्या बोलीं शेख हसीना?

शेख हसीना ने जुलाई और अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुई हिंसा को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि यह महज शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं था. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने शुरुआत से ही बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और धैर्य के जरिए मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश की थी. हालांकि, उनके मुताबिक सुधार की मांग के पीछे संगठित समूहों ने छात्रों की मांग को हिंसक राजनीतिक हथियार में बदल दिया. शेख हसीना ने 5 अगस्त के बाद की स्थिति का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि इसके बाद हिंसा ने राजनीतिक उत्पीड़न का रूप ले लिया.

अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप

पूर्व प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि अवामी लीग से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि कई लोगों की हत्या की गई, कुछ को गायब किया गया, गिरफ्तार किया गया और कई लोगों को उनके घरों से निकाला गया.

उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी और मुकदमों का भी दावा किया. शेख हसीना के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में हजारों लोगों की मौत या गुमशुदगी हुई है और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि कई लोगों को बिना नाम के आरोपी के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है.

‘मेरे खिलाफ 600 से ज्यादा केस दर्ज’

शेख हसीना ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ 600 से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं.

उन्होंने अवामी लीग और उससे जुड़े संगठनों की महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और हिरासत में प्रताड़ना के आरोप भी लगाए. उन्होंने कहा कि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की जेल में मौत हुई है.

पूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि कुछ मामलों में हिरासत में रखे गए लोगों को मेडिकल उपचार से वंचित करने और प्रताड़ना जैसी शिकायतें सामने आई हैं.

‘मेरे पिता की यादगारों को तोड़ दिया गया’

शेख हसीना ने अपने पिता और बांग्लादेश के संस्थापक नेताओं में शामिल बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान से जुड़ी विरासत और स्मारकों को नुकसान पहुंचाए जाने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि मुक्ति संग्राम की भावना और उससे जुड़े प्रतीकों को निशाना बनाया गया है. उनके मुताबिक, स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया गया और ऐतिहासिक स्मारकों को नष्ट किया गया.

शेख हसीना ने विशेष तौर पर बंगबंधु मेमोरियल म्यूजियम और अपने पिता से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने उन्हें बेहद आहत किया है.

दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का संकेत

इस पूरे संबोधन में सबसे अहम बात शेख हसीना का बांग्लादेश वापस लौटने को लेकर दिया गया संकेत रहा. भारत में करीब दो साल रहने के बाद उन्होंने कहा कि वह अपने देश वापस लौटना चाहती हैं.

उन्होंने संकेत दिया कि शायद दिसंबर में वह बांग्लादेश जाएंगी. हालांकि, उनकी वापसी की परिस्थितियों और संभावित तारीख को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.

शेख हसीना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में 2024 के राजनीतिक घटनाक्रम, हिंसा, गिरफ्तारियों और अवामी लीग से जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है.

शेख हसीना के बयान की बड़ी बातें

  • करीब दो साल बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर सामने आईं शेख हसीना
  • दिल्ली के FCC South Asia कार्यक्रम में वर्चुअल तौर पर हुईं शामिल
  • कैमरा बंद रहा, सिर्फ उनकी आवाज सुनाई दी
  • बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई
  • दिसंबर में वापसी का संकेत दिया
  • जुलाई-अगस्त 2024 की हिंसा पर अपनी सरकार का पक्ष रखा
  • अवामी लीग नेताओं और कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया
  • अपने खिलाफ 600 से ज्यादा केस दर्ज होने का दावा किया
  • बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया