Independence Day 2026: लाल किले से PM मोदी का बड़ा विजन, ‘शक्ति की सप्तधारा’ से विकसित भारत का रोडमैप; AI से परमाणु ऊर्जा तक 7 बड़े ऐलान

 

New Delhi: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह के साथ मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराते हुए विकास की नई दिशा के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 से 7 वर्षों में देश ऐसी ऊंचाइयों को हासिल कर सकता है, जो पिछले कई दशकों में संभव नहीं हो सकीं।

क्या है पीएम मोदी की ‘शक्ति की सप्तधारा’?

पीएम मोदी के मुताबिक विकसित भारत की नींव सात प्रमुख शक्तियों पर रखी जाएगी। इसमें मैन्युफैक्चरिंग से लेकर कृषि, तकनीक, इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, ग्रीन इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर को शामिल किया गया है।

1. मैन्युफैक्चरिंग पावर:
भारत को पार्ट्स से लेकर तैयार उत्पाद तक पूरी वैल्यू चेन वाला मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर जोर दिया गया। पीएम ने कहा कि डिजाइन से लेकर उत्पादन तक भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनना होगा।

2. कृषि और खाद्य उत्पाद:
फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के साथ मिलेट्स, मसाले, फल और दूसरे भारतीय कृषि उत्पादों को दुनिया के बाजार तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

3. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन:
AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, डेटा सेंटर और नई पीढ़ी के कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने की योजना है।

4. गति शक्ति और इंफ्रास्ट्रक्चर:
बेहतर कनेक्टिविटी के लिए आधुनिक हाईवे, हाई-स्पीड रेल, एयरपोर्ट, बंदरगाह और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

5. रक्षा शक्ति:
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने, आधुनिक सैन्य तकनीक विकसित करने और भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका दिलाने का लक्ष्य है।

6. ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी:
ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और ग्रीन मोबिलिटी के साथ मत्स्य पालन, समुद्री पर्यटन और ओशन टेक्नोलॉजी को विकास की नई धारा से जोड़ने की बात कही गई।

7. भारत की सॉफ्ट पावर:
योग, आयुर्वेद, संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था के जरिए दुनिया में भारत के प्रभाव को और मजबूत करने का विजन सामने रखा गया।

1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए भी कई बड़े ऐलान किए। अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने की बात कही गई। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा गांवों और शहरों में 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने का ऐलान किया गया।

सेमीकंडक्टर और परमाणु ऊर्जा पर बड़ा फोकस

पीएम मोदी ने भारत की तकनीकी और ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए भी बड़े लक्ष्य सामने रखे। अगले 1 से 2 वर्षों में 7-8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू करने का लक्ष्य बताया गया। वहीं 2047 तक देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक पहुंचाने की बात कही गई। अगले 6-7 वर्षों में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य भी रखा गया।

‘क्वालिटी’ होगी भारतीय उत्पादों की पहचान

मैन्युफैक्चरिंग पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को सिर्फ बड़े उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि छोटे-छोटे कंपोनेंट से लेकर अंतिम उत्पाद तक पूरी वैल्यू चेन देश में विकसित करनी होगी। उन्होंने उद्योगों और MSME सेक्टर से वैश्विक बाजार को ध्यान में रखकर उत्पादन करने की अपील की।

पीएम मोदी ने कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों की पैकेजिंग आकर्षक होनी चाहिए और दुनिया में भारत की पहचान ‘जीरो डिफेक्ट’ और ‘प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग’ से बने।

प्रधानमंत्री ने साफ संदेश दिया कि वैश्विक बाजार में भारत की विश्वसनीयता और गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने भारतीय उद्योग जगत के लिए ‘क्वालिटी, क्वालिटी, क्वालिटी’ को सफलता का मंत्र बताते हुए विकसित भारत के निर्माण में उद्यमियों और MSME की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।