21 दिन, 7 हजार किलोमीटर और 18 राज्यों का सफर… बंजारा एकता संकल्प यात्रा का दिल्ली में भव्य समापन, उठीं समाज के अधिकारों से जुड़ी 6 बड़ी मांगें
New Delhi: बंजारा समाज की एकता, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और अधिकारों के लिए देशभर में निकाली गई ऐतिहासिक बंजारा एकता संकल्प यात्रा का सोमवार को नई दिल्ली में भव्य समापन हुआ। 5 जुलाई को आंध्र प्रदेश के गुत्ती स्थित संत श्री सेवालाल महाराज की जन्मस्थली सेवागढ़ से शुरू हुई यह यात्रा 21 दिनों में करीब 7,000 किलोमीटर का सफर तय कर 18 राज्यों और 80 से अधिक जिलों से होकर दिल्ली पहुंची। समापन समारोह का आयोजन आरके पुरम स्थित दिल्ली कर्नाटक संघ सभागार में किया गया। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक नेताओं और देशभर से पहुंचे हजारों समाजबंधुओं ने हिस्सा लिया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए आंध्र प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सत्य कुमार यादव ने कहा कि शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता ही बंजारा समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने संत श्री सेवालाल महाराज के विचारों को याद करते हुए समाज के युवाओं से शिक्षा को अपनाने और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का आह्वान किया।
सत्य कुमार यादव ने सेवागढ़ से अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि चुनावी राजनीति में आने से पहले उन्होंने संत श्री सेवालाल महाराज का आशीर्वाद लिया था। उन्होंने कहा कि संत के आशीर्वाद और बंजारा समाज के सहयोग ने उन्हें विधानसभा चुनाव में सफलता हासिल करने और आगे मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया। उन्होंने यात्रा के दौरान उठाई गई बंजारा समाज की छह प्रमुख मांगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने का भरोसा भी दिलाया।
‘संगठन ही समाज की सबसे बड़ी ताकत’
यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक श्री श्री महाराज ने कहा कि बंजारा समाज की समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज की हर समस्या को पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ उठाया जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से क्षेत्रीय और अन्य मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट रहने की अपील की।
श्री श्री महाराज ने कहा कि आने वाले महीनों में वे विभिन्न राज्यों का दौरा कर बंजारा समाज की समस्याओं को समझेंगे और उन्हें जनप्रतिनिधियों तथा सरकारों के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से रखेंगे। उन्होंने समाज से अपनी संस्कृति, परंपरा और विरासत को संरक्षित करने के साथ सामाजिक एकता को और मजबूत करने का आह्वान किया।
बंजारा समाज की 6 प्रमुख मांगें
समारोह में पूर्व सांसद और यात्रा के संरक्षक डॉ. उमेश जी. जाधव ने बंजारा एकता संकल्प यात्रा के दौरान उठाई गई छह प्रमुख मांगों का उल्लेख किया। इनमें पूरे देश में सभी बंजारा उपसमूहों को समान रूप से अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने, गोर बोली को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और आगामी राष्ट्रीय जातीय जनगणना में ‘बंजारा’ को समान जातीय पहचान के रूप में दर्ज करने की मांग प्रमुख है।
इसके अलावा बंजारा समाज और तांडों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए राष्ट्रीय बंजारा/तांडा विकास निगम की स्थापना, युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सशक्तिकरण पर विशेष जोर देने तथा संत श्री सेवालाल महाराज और बंजारा समाज की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की मांग भी रखी गई।
डॉ. जाधव ने कहा कि यह यात्रा महज एक यात्रा नहीं, बल्कि बंजारा समाज के सम्मान, संवैधानिक अधिकारों और समावेशी विकास के लिए देशव्यापी सामाजिक आंदोलन है।
समापन समारोह के अंत में आयोजकों ने यात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और देशभर के समाजबंधुओं के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में एकजुट, शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बंजारा समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया गया।