Kolkata Durga Puja 2026: 13 सड़कों पर पंडाल नहीं! शोभायात्रा पर भी रोक, सरकार का बड़ा फैसला

Kolkata: दुर्गापूजा को लेकर बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. शहर की 13 प्रमुख सड़कों पर पूजा पंडाल लगाने और शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं होगी. सरकार ने इसे प्रतिबंध नहीं, बल्कि ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का कदम बताया है. पूजा में ड्यूटी करने वाले पुलिस, फायर, स्वास्थ्य, नगर निकाय और परिवहन कर्मियों को पूजा के बाद दो दिन की छुट्टी दी जाएगी.
 

Kolkata: दुर्गापूजा को लेकर राज्य सरकार ने सोमवार को कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूजा समितियों को स्पष्ट किया कि कोलकाता की 13 प्रमुख सड़कों को बंद कर वहां पूजा पंडाल लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इन मार्गों पर शोभायात्रा या बड़े सार्वजनिक आयोजनों की भी अनुमति नहीं होगी।

सरकार के मुताबिक, यह किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है, बल्कि दुर्गापूजा के दौरान यातायात व्यवस्था, आम लोगों की आवाजाही और सुरक्षा बनाए रखने के लिए फैसला लिया गया है। प्रशासन, पुलिस और पूजा समितियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने की अपील की गई है।

इन 13 सड़कों पर नहीं बनेंगे पंडाल

सरकार के फैसले के तहत रेड रोड, जवाहरलाल नेहरू रोड, स्ट्रैंड रोड, खिदिरपुर रोड, बर्दवान रोड, डी.एल. खा रोड, हॉस्पिटल रोड, कैथेड्रल रोड, निर्मल चंद्र रोड, लेनिन सरणी, बी.बी. गांगुली स्ट्रीट, पार्क सर्कस कनेक्टर और प्रिंस अनवर शाह रोड पर पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।

सरकार का कहना है कि इन मार्गों पर भारी यातायात और लोगों की आवाजाही रहती है। इन्हें पूरी तरह बंद कर पूजा आयोजन करने से आम लोगों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। पूजा समितियों को वैकल्पिक स्थानों पर आयोजन करने को कहा गया है।

पूजा के बाद दो दिन की छुट्टी

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि दुर्गापूजा के दौरान ड्यूटी पर तैनात रहने वाले पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य, नगर निकाय और परिवहन विभाग के कर्मचारियों को पूजा के बाद दो दिनों की छुट्टी दी जाएगी।

इन आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी पूजा के दौरान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं और उनकी छुट्टियां रद्द रहती हैं। ऐसे में पूजा समाप्त होने के बाद उन्हें आराम देने के लिए दो दिन की छुट्टी का फैसला किया गया है।

सरकार ने कहा कि दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन, पुलिस और पूजा समितियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।