छात्रों पर लाठियां और बड़े दावों पर 'खामोशी'! दिल्ली पुलिस और सरकार पर विपक्ष का करारा हमला

 

New Delhi: राजधानी में एक वायरल वीडियो और पुलिस की हालिया कार्रवाई को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।

मामला तब गरमा गया जब एक कथित दावे में सत्ता और शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के प्रभाव की बात सामने आई। विरोध जता रहे लोगों का कहना है कि एक तरफ आम जनता, छात्रों और महिला पत्रकारों पर लाठियां चलाई जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ रौब और रसूख का दावा करने वालों के खिलाफ व्यवस्था मौन नजर आ रही है।

'क्या व्यवस्था की डोर रसूखदारों के हाथ में है?'
आंदोलनकारियों और विपक्ष का आरोप है कि कोई व्यक्ति इतनी बेखौफ अंदाज में देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस का नाम लेकर अपना प्रभाव जता रहा है, फिर भी प्रशासन की ओर से कोई सख्त रुख देखने को नहीं मिल रहा। सवाल उठाया जा रहा है कि अगर इस तरह के गंभीर दावों पर भी सत्ता और पुलिस खामोशी साधे रहती है, तो आखिर जनता के प्रति जवाबदेही किसकी तय होगी?

पुलिस की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
हाल ही में हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और कवरेज कर रही महिला पत्रकारों पर हुए बल प्रयोग को लेकर भी आक्रोश बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस की पूरी सख्त रवैया सिर्फ निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर दिखती है, जबकि सत्ता के गलियारों में रसूख रखने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। फिलहाल इस पूरे विवाद पर पुलिस या गृह मंत्रालय की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।