3.5 करोड़ लोगों की आजीविका का मुद्दा: ज्वेलरी उद्योग की मांगों पर चिराग पासवान का बड़ा आश्वासन…
New Delhi: देश के ज्वेलरी उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लोजपा (रामविलास) के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं AIJGF बिहार अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने किया। इस दौरान ज्वेलरी उद्योग के सामने मौजूद चुनौतियों और संभावित समाधानों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि सोने की खरीद को हतोत्साहित करने वाली अपीलों का असर केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पूरे ज्वेलरी इकोसिस्टम पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। फेडरेशन ने बताया कि इस क्षेत्र से छोटे ज्वेलर्स, कारीगर, सुनार, निर्माता, रिफाइनर्स, हॉलमार्किंग सेंटर, ट्रांसपोर्टर्स और लाखों परिवार जुड़े हुए हैं। अनुमान के अनुसार देश में करीब 3.5 करोड़ लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस उद्योग पर निर्भर है।
गोल्ड इंपोर्ट कम करने के लिए रखा नया प्रस्ताव
AIJGF ने बैठक में यह भी सुझाव दिया कि देश का गोल्ड इंपोर्ट बिल कम करना जरूरी है, लेकिन इसका समाधान ज्वेलरी की मांग घटाने में नहीं है। फेडरेशन ने “बुलियन बैंक फ्रेमवर्क” बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसके तहत घरों, मंदिरों, संस्थाओं और गोल्ड ETF में निष्क्रिय पड़े सोने को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा सके।
फेडरेशन का मानना है कि इस व्यवस्था के जरिए घरेलू सोने का बेहतर उपयोग होगा, गोल्ड इंपोर्ट पर निर्भरता घटेगी और ज्वेलरी उद्योग को नई मजबूती मिलेगी।
‘मुद्दा जायज़ है, प्रधानमंत्री से करूंगा बात’
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उद्योग की चिंताओं को गंभीर बताते हुए आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के समक्ष रखेंगे।
उन्होंने कहा कि ज्वेलरी उद्योग की ओर से उठाए गए विषय महत्वपूर्ण हैं और इस संबंध में सकारात्मक समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कुछ दिनों का समय मांगा और कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद इस विषय पर आगे चर्चा की जाएगी।
‘व्यापार नहीं, करोड़ों परिवारों की आजीविका का सवाल’
AIJGF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा कि ज्वेलरी उद्योग केवल एक व्यापारिक गतिविधि नहीं, बल्कि देश की परंपरा, रोजगार और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री द्वारा उद्योग की बात गंभीरता से सुनने और उसे उच्च स्तर तक पहुंचाने के आश्वासन का स्वागत किया।
वहीं, अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि भारत को विदेशी मुद्रा बचाने और ज्वेलरी उद्योग को मजबूत बनाए रखने के बीच चुनाव करने की आवश्यकता नहीं है। सही नीतिगत ढांचे के माध्यम से दोनों उद्देश्यों को एक साथ हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बुलियन बैंक फ्रेमवर्क को दीर्घकालिक और व्यावहारिक समाधान बताया।
उद्योग को सकारात्मक पहल की उम्मीद
फेडरेशन ने विश्वास जताया कि केंद्रीय मंत्री के सकारात्मक रुख से ज्वेलरी उद्योग की आवाज़ सरकार के उच्चतम स्तर तक पहुंचेगी और इस विषय पर जल्द ही ठोस नीति-स्तरीय संवाद शुरू हो सकेगा।
बैठक में AIJGF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा सहित केरल, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों से आए कई पदाधिकारी एवं उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।