ममता बनर्जी पर लॉकेट चटर्जी ने दिलाया याद, कहा- 'टाइगर' से CJP के समझौते तक, जानिए क्यों मचा विवाद?

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और Cockroach Janata Party (CJP) के बीच बढ़ती नजदीकी को लेकर बीजेपी नेता लॉकेट चटर्जी ने निशाना साधा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खुद को टाइगर कहने वाली ममता बनर्जी अब CJP के साथ समझौता कर रही हैं और यह उनके राजनीतिक पतन का संकेत है. दरअसल, ममता बनर्जी ने दिल्ली में CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके से मुलाकात की थी.
 

Bengal Politics:  पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी नेता और पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो कभी खुद को 'रॉयल बंगाल टाइगर' कहती थीं, आज उन्हें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ भी समझौता करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे ममता की राजनीतिक हताशा करार दिया।

कोलकाता में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली के दौरान लॉकेट चटर्जी ने यह टिप्पणी की। इस कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी को लेकर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोगों को राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा।

'ममता बनर्जी के पास अब कुछ नहीं बचा'

लॉकेट चटर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो चुकी है और इसी वजह से ममता को दूसरे संगठनों के साथ सहयोग करना पड़ रहा है।

बीजेपी नेता ने कहा कि ममता बनर्जी पहले खुद को रॉयल बंगाल टाइगर कहती थीं, लेकिन अब उन्हें CJP के साथ भी समझौता करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे उनकी राजनीतिक स्थिति में आए बदलाव का संकेत बताया।

कांग्रेस के प्रति बदले रुख पर भी कसा तंज

लॉकेट चटर्जी ने ममता बनर्जी के कांग्रेस के प्रति पुराने और मौजूदा व्यवहार की तुलना करते हुए भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले ममता कांग्रेस को अलग नजरिए से देखती थीं, लेकिन अब कांग्रेस नेताओं को 'मैडम' कहकर संबोधित कर रही हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ममता की राजनीतिक नीति हर सीजन के साथ बदल जाती है। बीजेपी नेता के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस की कोई स्थायी विचारधारा या स्पष्ट नीति नहीं है और राजनीतिक जरूरत के अनुसार उसके रुख में बदलाव आता रहता है।

तृणमूल कांग्रेस पर लगाए तुष्टीकरण के आरोप

लॉकेट चटर्जी ने ममता बनर्जी की सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में हिंदू समाज के साथ भेदभाव और अत्याचार हुए हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की राजनीति में यह प्रवृत्ति लगातार दिखाई देती रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी ने कई बार ऐसे बयान दिए, जिनसे दूसरे धर्मों के लोगों को उकसाने की कोशिश हुई। ये सभी आरोप लॉकेट चटर्जी ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाए।

'लोकतंत्र बचाने के लिए पदयात्रा जरूरी'

बीजेपी नेता ने कहा कि देश के विकास, सुरक्षा और बच्चों के भविष्य के लिए लोकतंत्र की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से इसके लिए आगे आने और पदयात्रा में शामिल होने की अपील की।

नितिन नवीन के कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए लॉकेट ने बताया कि बीजेपी अध्यक्ष ने रविवार को हरियाणा में कार्यक्रम किया था और इसके बाद भागलपुर में कार्यक्रम में शामिल होकर कोलकाता पहुंचे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए देशभर में लोगों की भागीदारी जरूरी है।

फिल्म फेस्टिवल और भ्रष्टाचार को लेकर भी दिया बयान

लॉकेट चटर्जी ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान के संदर्भ में फिल्म फेस्टिवल के आयोजन पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भविष्य में फिल्म फेस्टिवल पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से होने चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ऐसे आयोजनों में सिंडिकेटबाजी होती थी। लॉकेट के मुताबिक, फिल्म फेस्टिवल में उन्हीं प्रतिभाशाली लोगों को अवसर मिलना चाहिए, जो वास्तव में इसके योग्य हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार से मुक्त व्यवस्था की जरूरत पर भी जोर दिया।

फिलहाल लॉकेट चटर्जी के इन बयानों के बाद पश्चिम बंगाल में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।