ITO के पास दिनदहाड़े 1 करोड़ की लूट! ऑटो रोककर पिस्टल तानी और 1 करोड़ लेकर फरार
Delhi Crime News: राजधानी दिल्ली में करोड़ों रुपये की नकदी लेकर जा रहे कारोबारी के कर्मचारियों से 1 करोड़ रुपये की लूट का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूटी सवार दो बदमाशों ने ऑटो को रोककर पिस्टल की नोक पर कर्मचारियों को डराया और नोटों से भरा एक बैग लेकर फरार हो गए। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऑटो रोककर पिस्टल दिखाई, एक करोड़ का बैग लेकर फरार
जानकारी के मुताबिक, कारोबारी विपिन के दो कर्मचारी दिल्ली के कूचा महाजनी से सफदरजंग की ओर ऑटो से जा रहे थे। दोनों कर्मचारियों के पास अलग-अलग बैग में कुल 3 करोड़ रुपये नकद बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि शांति वन रेड लाइट के पास स्कूटी सवार दो युवकों ने ऑटो को रुकवाया। इसके बाद बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर कर्मचारियों को डराया और उनके पास मौजूद नकदी में से 1 करोड़ रुपये से भरा एक बैग लेकर मौके से फरार हो गए।
7 सितंबर की शाम हुई वारदात
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह वारदात सोमवार शाम 7 सितंबर को दरियागंज इलाके में हुई। ऑटो से जा रहे व्यक्ति से हथियार के बल पर 1 करोड़ रुपये नकद लूटे जाने की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
वारदात के बाद पुलिस ने बदमाशों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान के साथ-साथ उनके भागने के रास्ते का भी पता लगाया जा सके।
CCTV फुटेज से बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बदमाश किस रास्ते से मौके पर पहुंचे और लूट के बाद किस दिशा में फरार हुए। आसपास के ट्रैफिक कैमरों और अन्य CCTV फुटेज को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले से कर्मचारियों की रेकी की थी या वारदात अचानक की गई।
BRICS सम्मेलन से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दिल्ली में यह वारदात ऐसे समय सामने आई है जब राजधानी में BRICS सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। सम्मेलन से पहले दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम का दावा कर रही हैं।
ऐसे में बीच सड़क पर हथियार के बल पर 1 करोड़ रुपये की लूट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात की पूरी साजिश क्या थी और इसमें कितने लोग शामिल थे।
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी है।