कुप्रशासन का एपिसेंटर बना मध्य प्रदेश, इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतों पर बरसे राहुल गांधी...
New Delhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर निशाना साधा. इंदौर में कथित तौर पर गंदे पानी से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि, जब भी गरीब मरते हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा चुप रहते हैं.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश कुशासन का केंद्र बन गया है और उन्होंने कफ सिरप, सरकारी अस्पतालों में खराब साफ-सफाई और अब गंदे पानी के कारण कथित तौर पर हुई मौतों के कई उदाहरण दिए.
राहुल ने एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, "इंदौर में पानी नहीं, बल्कि जहर बांटा गया और प्रशासन गहरी नींद में सोया रहा." लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "हर घर में मातम है, गरीब लाचार हैं और ऊपर से, बीजेपी नेता घमंडी बयान दे रहे हैं. जिन लोगों ने अपनी जान और रोजी-रोटी खो दी, उन्हें सांत्वना की जरूरत थी... सरकार ने घमंड दिखाया."
मध्य प्रदेश के सीनियर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को उस समय विवाद खड़ा कर दिया जब उन्होंने कैमरे पर एक आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया. जब एक टीवी पत्रकार ने उनसे पानी के खराब होने की घटना के बारे में सवाल किए.
राहुल गांधी ने कहा, "ये मामूली सवाल नहीं हैं. इनके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिएय साफ पानी कोई एहसान नहीं है, यह जीने का अधिकार है. भाजपा की डबल इंजन सरकार, इसका लापरवाह प्रशासन और असंवेदनशील नेतृत्व इस अधिकार को खत्म करने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं."
राहुल गांधी ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि, मध्य प्रदेश अब कुशासन का केंद्र बन गया है. उन्होंने कहा, "कफ सिरप से मौतें, सरकारी अस्पतालों में चूहे बच्चों को मार रहे हैं, और अब सीवेज का गंदा पानी पीने से मौतें.. और जब भी गरीब मरते हैं, पीएम मोदी हमेशा की तरह चुप रहते हैं."
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें शहर के भागीरथपुरा इलाके में गंदे पानी से फैले डायरिया से 10 मौतों की जानकारी मिली है. हालांकि, स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि इस गंदे पानी के कारण छह महीने के बच्चे समेत 14 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है.
चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने गुरुवार को कहा कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज की लैब टेस्ट रिपोर्ट से कन्फर्म हुआ है कि पाइपलाइन में लीकेज के कारण इलाके का पीने का पानी गंदा था.
हालांकि, चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर ने रिपोर्ट के डिटेल्ड नतीजे शेयर नहीं किए. वहीं, प्रशासनिक अधिकारी भी इस बारे में साफ जानकारी देने से बच रहे हैं. अधिकारियों ने कहा कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मेन पीने के पानी की सप्लाई पाइपलाइन में लीकेज मिला, उस जगह पर जहां टॉयलेट बना हुआ है. उन्होंने दावा किया कि लीकेज की वजह से पानी की सप्लाई खराब हो गई. पिछले 9 दिनों में भागीरथपुरा में 1,400 से ज्यादा लोग उल्टी और दस्त से परेशान हैं.