युवा शक्ति की राह में माफिया सबसे बड़ा खतरा, CM योगी बोले- ‘युवाओं के जीवन से खिलवाड़ करने वालों की पूरी संपत्ति होगी जब्त’
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के भविष्य को लेकर माफिया प्रवृत्ति पर कड़ा प्रहार किया। गोरखनाथ मंदिर में नागपंचमी के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह में सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा माफिया हो, नकल माफिया, ड्रग माफिया, खेल माफिया या किसी अन्य क्षेत्र का माफिया—इनकी बढ़ती प्रवृत्ति का सबसे बड़ा नुकसान युवा शक्ति को होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के जीवन से खिलवाड़ करने वाले माफिया के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी माफिया ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है तो उसकी पूरी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
‘जो आज युवा-युवा चिल्ला रहे, उनके एजेंडे में कभी युवा नहीं था’
सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले खेल और युवाओं के लिए सरकारों के एजेंडे में कोई स्थान नहीं था। उन्होंने कहा कि आज जो लोग युवा-युवा कह रहे हैं, सत्ता में रहते हुए उन्होंने युवाओं के हित में कुछ नहीं किया। उस दौर में हर क्षेत्र माफिया की गिरफ्त में था और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को सही दिशा देने के लिए खेल संस्कृति को और मजबूत करना जरूरी है। डबल इंजन सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए ऐसा माहौल तैयार किया है, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ा सकें।
खेलों को लेकर बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में देश की खेल संस्कृति में बड़ा बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया’, सांसद और विधायक खेलकूद प्रतियोगिताओं तथा ग्रामीण स्तर की लीग के जरिए प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि हालिया कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और देश चौथे स्थान पर रहा। उत्तर प्रदेश के नौ खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिनमें तीन खिलाड़ियों ने देश के लिए पदक जीते।
एक महीने में 500 और खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की खेल नीति के तहत देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की गई है। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि बहुत जल्द, अगले एक महीने के भीतर करीब 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस सहित विभिन्न विभागों में नौकरी दी जाएगी। खिलाड़ियों को सहायक निदेशक से लेकर डिप्टी एसपी तक के पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले यूपी के खिलाड़ियों को 6 करोड़, सिल्वर मेडल पर 4 करोड़ और ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर 2 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये तथा कॉमनवेल्थ और एशियाड में प्रतिभाग करने पर 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
निजी खेल एकेडमियों और अखाड़ों को भी मिलेगा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल संस्कृति को मजबूत करने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज और निजी संस्थाओं की भी है। निजी एकेडमियों को सरकार सहायता देगी, क्योंकि वे युवाओं की प्रतिभा को निखारने का काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि पुराने पहलवानों और उस्तादों के अखाड़ों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। अखाड़ों के निर्माण, मैटिंग, कोच और मैनेजर सहित आवश्यक सुविधाओं के लिए भी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
हर गांव में खेल मैदान, हर जिले में स्टेडियम का लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि सरकार प्रदेश में खेलों के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रही है। हर गांव में खेल का मैदान और ओपन जिम, हर विकासखंड में मिनी स्टेडियम, हर जिले में स्टेडियम और हर कमिश्नरी स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की गई है, जहां पाठ्यक्रम शुरू हो चुके हैं और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से 2030 में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियां अभी से शुरू करने का आह्वान किया।
ड्रग ही नहीं, स्मार्टफोन की लत से भी बचें युवा
सीएम योगी ने युवाओं को नशे के साथ-साथ स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से भी बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में लेकर देश को कमजोर करना चाहता है। इसके खिलाफ समाज के हर जागरूक नागरिक को आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन का अत्यधिक इस्तेमाल भी युवाओं के समय और स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। यदि युवा अपने स्क्रीन टाइम में से कुछ घंटे बचाकर शारीरिक गतिविधियों में लगाएं तो शरीर और मस्तिष्क दोनों स्वस्थ रहेंगे।
‘खिलाड़ी का पहला नियम आत्म अनुशासन’
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे पहला नियम आत्म अनुशासन और आत्मसंयम है। समय पर सोना-जागना, खान-पान का ध्यान रखना और गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करना खिलाड़ी के जीवन का अहम हिस्सा है।
उन्होंने पहलवानों की गुरु और उस्ताद के प्रति श्रद्धा का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपना जीवन खेल के लिए समर्पित किया। अब सरकार का प्रयास है कि उन्हें बेहतर संसाधन और सम्मान मिले।
जल्द आएगी यूपी की नई युवा नीति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही नई ‘युवा नीति’ लेकर आने जा रही है। इसके तहत युवाओं के लिए नए कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘अभ्युदय कोचिंग’ को कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर तक पहुंचाने की तैयारी है। साथ ही हर जिले में एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित करने की योजना है, जहां एक ही जगह युवाओं को स्किलिंग और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं मिल सकेंगी।
नागपंचमी पर पहलवानों को किया पुरस्कृत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश केसरी, उत्तर प्रदेश कुमार और वीर अभिमन्यु खिताब के फाइनल मुकाबले देखे और पहलवानों का उत्साह बढ़ाया।
उत्तर प्रदेश केसरी का खिताब गौतमबुद्ध नगर के आकाश ने जीता। उन्हें 1.01 लाख रुपये और गदा प्रदान की गई, जबकि उपविजेता गाजियाबाद के प्रशांत कुमार को 51 हजार रुपये मिले।
उत्तर प्रदेश कुमार का खिताब वाराणसी के सौरभ ने जीता। उन्हें 1.01 लाख रुपये और गदा दी गई। जौनपुर के अमित उपविजेता रहे और उन्हें 51 हजार रुपये मिले।
वहीं वीर अभिमन्यु का खिताब गाजीपुर के सूरज यादव ने जीता। उन्हें 1.01 लाख रुपये और गदा प्रदान की गई। गोरखपुर के जनार्दन यादव उपविजेता रहे और उन्हें 51 हजार रुपये का पुरस्कार मिला।
मुख्यमंत्री ने तीनों वर्गों में तीसरे स्थान पर रहे पहलवानों को भी 25-25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया।
समारोह में खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खेल संघों के पदाधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।