नेपाल बॉर्डर पर बंगाल पुलिस और STF की बड़ी कार्रवाई, TMC नेता जहांगीर खान गिरफ्तार

Kolkata: अभी तक जहांगीर खान की गिरफ्तारी पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है. आधिकारिक जानकारी का इंतजार है. जहांगीर खान फाल्टा विधानसभा चुनाव 2026 के बाद से गायब था. पश्चिम बंगाल पुलिस और एसटीएफ दोनों को जहांगीर खान की काफी दिनों से तलाश थी. जानकारी के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के इस नेता पर सात केस दर्ज हैं.
 

Kolkata: पश्चिम बंगाल पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच पश्चिम बंगाल लाया जा रहा है. इस कार्रवाई को राज्य की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जहांगीर खान की तलाश लंबे समय से की जा रही थी. उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि वह नेपाल सीमा क्षेत्र में छिपा हुआ है. इसके बाद बंगाल पुलिस और STF की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया.

अभी तक जहांगीर खान की गिरफ्तारी पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है. आधिकारिक जानकारी का इंतजार है. जहांगीर खान फाल्टा विधानसभा चुनाव 2026 के बाद से गायब था. पश्चिम बंगाल पुलिस और एसटीएफ दोनों को जहांगीर खान की काफी दिनों से तलाश थी. जानकारी के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के इस नेता पर सात केस दर्ज हैं.

सूत्रों से जानकारी मिली है कि एसटीएफ ने इसको पकड़ने के लिए काफी दिनों से जाल बिछाया था और इसके लिए टेक्निकल सर्विलांस का प्रयोग किया गया था. तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान के खिलाफ मर्डर के प्रयास, जबरदस्ती वसूली और दंगा भड़काने मामले में कई धाराओं मे पुलिस ने केस दर्ज किया है. वहीं, प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लॉन्ड्रिंग केस में जहांगीर के खिलाफ जांच कर रही है.

एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, जहांगीर खान से डिटेल में पूछताछ के लिए कस्टडी में लिया जाएगा. जांच करने वाले उसकी एक्टिविटी के हर पहलू की जांच करना चाहते हैं, जिसमें उनके कम्युनिकेशन नेटवर्क, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और पॉलिटिकल और क्रिमिनल दायरे से उनके संभावित लिंक शामिल हैं. उनका मानना ​​है कि पूछताछ से कुछ नई अहम जानकारी सामने आ सकती है. एसटीएफ (STF) पहले जहांगीर खान को मेडिकल जांच के लिए फाल्टा ले जाएगी. हालांकि, इलाके में उनके खिलाफ लोगों के गुस्से की आशंका है. इसलिए, पुलिस सूत्रों का कहना है कि अगर जरूरी हुआ तो एसटीएफ उसे सीधे कोलकाता में स्टेट पुलिस हेडक्वार्टर भवानी भवन ला सकती है.

कुछ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जहांगीर खान लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था. उसकी गिरफ्तारी से साउथ 24 परगना में कई पेंडिंग केस की जांच में नई तेजी आ सकती है. भवानी भवन के एक सीनियर अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि जहांगीर खान के खिलाफ कई गंभीर आरोपों की जांच चल रही है. उससे अलग-अलग केस के बारे में पूछताछ करना जरूरी था, लेकिन वह पिछले कुछ महीनों से छिपा था, जिससे जांच करने वालों के लिए उसका पता लगाना मुश्किल हो गया था. जांच करने वालों का दावा है कि नेपाल बॉर्डर के पास उसे ढूंढने और गिरफ्तार करने का ऑपरेशन पक्के सबूत, टेक्निकल सर्विलांस और साइंटिफिक तरीकों के आधार पर किया गया था.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जहांगीर खान ने अपने आप को पुष्पा बताया था और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था. चुनाव के दौरान भी इसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज की गई थीं. जहांगीर खान पहली बार तब चर्चा में आए जब फाल्टा चुनाव क्षेत्र के आसपास राजनीतिक तनाव अपने चरम पर था, खासकर 2026 के विधानसभा चुनावों के संदर्भ में. राजनीतिक प्रचार के बीच, उसने उत्तर प्रदेश के 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा को खुलेआम खुद को 'पुष्पा' बताते हुए चुनौती दी थी. जिससे समय काफी विवाद खड़ा हो गया था.