तिलोत्तमा मामले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष ओडिशा से गिरफ्तार..बंगाल पुलिस को थी तलाश...
Kolkata: तिलोत्तमा मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष को ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया है। निर्मल घोष पर तिलोत्तमा के शव का कथित तौर पर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने का आरोप है। घटना के करीब दो साल बाद उनके खिलाफ नई शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तिलोत्तमा के परिवार की शिकायत के आधार पर गिरफ्तारी की गई है। निर्मल घोष को पूछताछ के लिए बैरकपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय लाया जा रहा है।
तिलोत्तमा के पिता की शिकायत पर हुई कार्रवाई
तिलोत्तमा की मौत के करीब दो साल बाद मामले में एक बार फिर जांच शुरू हुई। 9 अगस्त को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मामले में नए सिरे से जांच की मांग/आदेश की बात कही थी। इसके अगले दिन, 10 अगस्त को तिलोत्तमा के पिता ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज की और इसके तुरंत बाद निर्मल घोष को पुरी से गिरफ्तार कर लिया। मामले में पूर्व पार्षद सोमनाथ डे और संजीव मुखर्जी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।
अंतिम संस्कार में जल्दबाजी का लगाया गया आरोप
आरोप है कि 9 अगस्त 2024 की रात तिलोत्तमा के शव को श्मशान घाट ले जाने के दौरान अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में कथित तौर पर जल्दबाजी की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्मल घोष के कथित निर्देश पर तिलोत्तमा का अंतिम संस्कार अन्य शवों से पहले कराया गया।
उस समय निर्मल घोष पनिहाटी से विधायक थे। अब दो साल बाद दर्ज हुई नई शिकायत के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
गिरफ्तारी के बाद जांच में क्या होगा?
निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और अंतिम संस्कार से जुड़े घटनाक्रम की जांच करेगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना के समय कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया किस तरह पूरी हुई।
जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है।
दो साल बाद मामले में आया नया मोड़
तिलोत्तमा मामले में करीब दो साल बाद पूर्व विधायक की गिरफ्तारी से राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ गई है। अब जांच का केंद्र इस बात पर रहेगा कि अंतिम संस्कार को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और इसमें निर्मल घोष समेत अन्य नामजद लोगों की क्या भूमिका थी।
फिलहाल निर्मल घोष पर लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और उनकी अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।