यूपी में बड़ा IPS फेरबदल: 15 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले, लखनऊ-प्रयागराज समेत कई अहम पदों पर नई तैनाती
Up News: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव के तहत लखनऊ और प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट के अलावा गोरखपुर और वाराणसी जोन में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। सरकार के इस कदम को प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की कमान अब तरुण गाबा के हाथ
तबादला सूची में सबसे बड़ा बदलाव राजधानी लखनऊ में हुआ है। IPS तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस आयुक्त बनाया गया है। वहीं, अब तक लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की जिम्मेदारी संभाल रहे IPS अमरेन्द्र के. सेंगर को नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) के पद के साथ पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
राजधानी में नए पुलिस आयुक्त की तैनाती के बाद कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर आने वाले दिनों में कई स्तरों पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट को मिला नया कमिश्नर
सरकार ने IPS पीयूष मोर्डिया को प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है। इससे पहले वह वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक के पद पर तैनात थे। प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण जिले की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी अब उनके हाथों में होगी।
गोरखपुर और वाराणसी जोन में भी बदली कमान
तबादले के तहत IPS अशोक जैन को गोरखपुर जोन के एडीजी पद से हटाकर पुलिस महानिदेशक, अग्निशमन एवं आपात सेवाएं की जिम्मेदारी दी गई है। उनके स्थान पर IPS राम कुमार को गोरखपुर जोन का नया अपर पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है।
वहीं, पीयूष मोर्डिया के प्रयागराज पुलिस आयुक्त बनाए जाने के बाद IPS नवीन अरोड़ा को वाराणसी जोन का नया एडीजी बनाया गया है।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का बड़ा प्रशासनिक कदम
उत्तर प्रदेश के प्रमुख पुलिस पदों पर हुए इस व्यापक फेरबदल से प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई तैनाती के जरिए सरकार ने पुलिस प्रशासन को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। अब इन अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की चुनौती होगी।