ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान! पूरे बंगाल का करेंगी दौरा, बोलीं- रैली के लिए कोर्ट नहीं जाऊंगी

Kolkata: TMCP स्थापना दिवस पर ममता बनर्जी ने पूरे बंगाल के दौरे का ऐलान किया. TMCP स्थापना दिवस की रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह जल्द ही राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा शुरू करेंगी. उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान चला सकती है.
 

Kolkata: तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) के स्थापना दिवस समारोह में बड़ा राजनीतिक ऐलान किया। ममता बनर्जी ने कहा कि वह जल्द ही पूरे पश्चिम बंगाल के दौरे पर निकलेंगी। उन्होंने साफ किया कि अब रैलियों की अनुमति लेने के लिए अदालत का रुख कर समय बर्बाद नहीं करेंगी।

ममता बनर्जी ने कहा कि यदि प्रशासन उनकी रैलियों को रोकने की कोशिश करता है, तो वह ‘जनता की अनुमति’ लेकर कार्यक्रम करेंगी। TMCP के स्थापना दिवस पर आयोजित रैली में उन्होंने राज्य की मौजूदा सरकार, पुलिस प्रशासन, चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए।

‘रैली की अनुमति के लिए कोर्ट नहीं जाऊंगी’

TMCP स्थापना दिवस की रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह जल्द ही राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा शुरू करेंगी। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान चला सकती है।

मैं जल्द ही पूरे पश्चिम बंगाल का दौरा शुरू करूंगी. अगर प्रशासन जनसभा करने की इजाजत नहीं देता, तो मैं सड़कों पर पैदल चलूंगी. अब हम रैलियों की अनुमति के लिए हर बार अदालत जाकर समय बर्बाद नहीं करेंगे. सीधे ‘जनता की अनुमति’ लेकर रैलियां करेंगे. -ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस

ममता ने कहा कि अगर प्रशासन उनकी सभाओं और रैलियों की अनुमति देने से इनकार करता है या उन्हें रोकने का प्रयास करता है, तो वह इसके लिए अदालत का दरवाजा खटखटाकर समय बर्बाद नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच जाएंगी और जनता की अनुमति से रैलियां करेंगी।

ममता के इस बयान को राज्य में TMC और सरकार के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शुभेंदु सरकार पर पुलिस के दुरुपयोग का आरोप

ममता बनर्जी ने राज्य की भाजपा सरकार पर पुलिस प्रशासन के कथित राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में बंगाल पुलिस का रवैया मानवीय था, लेकिन भाजपा के सत्ता में आने के बाद पुलिस का ‘राक्षसी रूप’ सामने आया है।

ममता ने रक्षा बंधन का जिक्र करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध करने का संकल्प भी लिया। उन्होंने कहा कि वह पुलिस की कथित ज्यादती और दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगी।

‘देखना चाहती हूं विरोधियों के पास कितने अंडे और ईंटें हैं’

TMC प्रमुख ने भाजपा की कार्यशैली पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

ममता बनर्जी ने अपने भाषण में चुनौतीपूर्ण अंदाज में कहा कि वह भी देखना चाहती हैं कि विरोधियों के पास कितने अंडे और ईंटें जमा हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक टकराव के बीच भाजपा पर सीधे हमले के तौर पर देखा जा रहा है।

चुनाव आयोग और SIR पर ममता के गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर पिछले विधानसभा चुनाव को ‘हाइजैक’ किया।

उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए लाखों वैध मतदाताओं के नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

हालांकि, ये ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। मतदाता सूची में नाम हटाने और SIR प्रक्रिया से संबंधित अंतिम स्थिति निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।

फुटपाथ से वेंडर्स को हटाने पर भी सरकार को घेरा

ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में रेहड़ी-पटरी वालों और स्ट्रीट वेंडर्स को फुटपाथ से हटाने के अभियान को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई से पहले प्रभावित वेंडर्स के पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। ममता ने मांग की कि यदि सरकार पुनर्वास की व्यवस्था नहीं कर सकती है तो प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए।

उन्होंने प्रत्येक प्रभावित परिवार को हर महीने 25,000 रुपये मुआवजा देने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि बेदखली के बाद परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता की जरूरत होगी।

TMCP रैली से ममता ने दिया बड़ा राजनीतिक संदेश

TMCP के स्थापना दिवस पर ममता बनर्जी के भाषण में कई मुद्दे प्रमुख रहे। रैलियों की अनुमति, पुलिस कार्रवाई, SIR, चुनाव आयोग और स्ट्रीट वेंडर्स के मुद्दे पर उन्होंने सरकार को घेरने की कोशिश की।

सबसे अहम घोषणा उनका जल्द पूरे बंगाल के दौरे पर निकलने का ऐलान रहा। अब देखना होगा कि ममता बनर्जी का राज्यव्यापी दौरा कब शुरू होता है और आने वाले दिनों में TMC किस तरह इन मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अपना अभियान तेज करती है।