TMC सिंबल फ्रीज पर SC पहुंचीं ममता! CJI ने कहा- इसी हफ्ते होगी सुनवाई?

Kolkata: तृणमूल कांग्रेस के नाम और पारंपरिक ‘फूल-घास’ चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं. सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष याचिका की तत्काल सुनवाई की मांग की.
 

Kolkata: तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। ममता बनर्जी की ओर से दाखिल याचिका में चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने और मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को याचिका को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की मांग की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं।

चुनाव के बीच सिंबल फ्रीज करने पर सवाल

कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग के फैसले के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने अदालत को बताया कि पार्टी से जुड़े विवाद की कार्यवाही जून में शुरू हुई थी और जुलाई में जवाब भी दाखिल किया गया था। इसके बावजूद चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर दिया गया।

सिब्बल ने कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद इस तरह का फैसला लिया गया है और मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सिब्बल की दलील सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि मामले में दूसरे पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। कोर्ट ने संकेत दिया कि याचिका को जल्द सूचीबद्ध करने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जब मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होगा, तब दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क रख सकेंगे। हालांकि, अदालत ने इस स्तर पर चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगाने का कोई आदेश नहीं दिया है।

चुनाव आयोग ने क्यों फ्रीज किया TMC का नाम और चिन्ह?

चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को जारी अंतरिम आदेश में ‘All India Trinamool Congress’ नाम और उसके आरक्षित ‘Flowers and Grass’ यानी जोड़ा घास फूल चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। आयोग के अनुसार पार्टी के भीतर दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के दावे सामने आने के कारण मामले की विस्तृत जांच की जरूरत है।

इसके बाद आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football Player’ चिन्ह दिया गया है। वहीं दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ चिन्ह आवंटित किया गया है।

अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजर

ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले को जल्द सूचीबद्ध करने की बात कही है। अब नजर इस बात पर है कि याचिका की सुनवाई किस तारीख को होती है और अदालत चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश को लेकर क्या निर्देश देती है।

फिलहाल चुनाव आयोग का अंतरिम आदेश प्रभावी है और मूल TMC नाम एवं चिन्ह को लेकर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।