राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर मायावती का सरकार पर निशाना, बोलीं- ट्रस्ट प्रबंधन की भी हो निष्पक्ष जांच

 

Bihar news: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में दान प्रबंधन को लेकर उठे विवाद के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सरकार से निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक जांच सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि संबंधित ट्रस्ट के शीर्ष प्रबंधकों की भूमिका की भी गंभीरता से पड़ताल होनी चाहिए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में मायावती ने कहा कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में भी चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएं कि यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसमें शीर्ष स्तर की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं रही। उनका कहना था कि यदि इस पहलू की जांच नहीं हुई तो भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।

बसपा सुप्रीमो ने सरकार और एसआईटी से मामले की गहराई से जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि यदि विपक्षी दल—जैसे समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी—चढ़ावे में बड़े पैमाने पर चोरी और गबन के आरोप लगा रहे हैं, तो उन्हें भी अपने दावों के समर्थन में ठोस प्रमाण सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना सबूत के लगाए गए आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी माने जाएंगे।

मायावती ने यह भी कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए देश के अन्य प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर बेहतर प्रणाली लागू की जाए।

गौरतलब है कि अयोध्या में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी के बाद उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सवाल उठे हैं। इन आरोपों की जांच के लिए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

अपने बयान के अंत में मायावती ने कहा कि देश में राजनीति का अपराधीकरण, अपराध का राजनीतिकरण और धर्म को राजनीतिक हथियार बनाने की प्रवृत्ति लोकतंत्र और संविधान की भावना के अनुकूल नहीं है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से जिम्मेदारीपूर्ण आचरण करने और जनता से संयम बनाए रखने की अपील की।