मायापुर धाम में गरजा भक्ति का संदेश: अमित शाह बोले- “गृह मंत्री नहीं, चैतन्य महाप्रभु का भक्त बनकर आया हूं”

 
Patna Desk: पश्चिम बंगाल के पवित्र मायापुर धाम में आयोजित आध्यात्मिक समारोह में देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भक्ति, सेवा और सनातन परंपरा को लेकर भावपूर्ण संबोधन दिया। कार्यक्रम श्रील भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद की 152वीं जयंती के अवसर पर आयोजित था, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्त जुटे।

मंच पर संत-महात्माओं और गौड़ीय वैष्णव परंपरा के आचार्यों की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि वे यहां किसी पद या दायित्व के कारण नहीं, बल्कि भगवान चैतन्य महाप्रभु के अनन्य भक्त के रूप में पहुंचे हैं। उन्होंने मायापुर को चेतना जागृत करने वाली भूमि बताते हुए इसे वैश्विक भक्ति आंदोलन का प्रमुख केंद्र कहा।

गृह मंत्री ने बताया कि कार्यक्रम से पहले उनकी बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई, जिन्होंने मायापुर के भक्तों को “हरे कृष्ण” का संदेश भेजा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भक्ति आंदोलन ने अज्ञान के अंधकार को दूर कर समाज को जोड़ने का काम किया है और आधुनिकता को धर्म का सहयोगी बताया।

उन्होंने इस्कॉन के वैश्विक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि गीता और भक्ति संदेश को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने में संस्था की बड़ी भूमिका है। आपदा के समय सेवा, भोजन वितरण, शिक्षा और सांस्कृतिक जागरण के क्षेत्र में भी इस्कॉन के प्रयासों को उन्होंने उल्लेखनीय बताया।

कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिनमें केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी शामिल थे।

मायापुर धाम को उन्होंने आने वाले समय में विश्व स्तर पर आध्यात्मिक ऊर्जा का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि यहां से निकला भक्ति और सनातन का संदेश विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती देगा। अंत में उन्होंने भक्तों के साथ सामूहिक रूप से “हरे कृष्ण” महामंत्र का उच्चारण भी किया।