मौसम विभाग की चेतावनी! यूपी में गरज-चमक, बारिश और ओले गिरने की भी संभावना
UP Weather: उत्तर प्रदेश में मौसम बदलने के आसार हैं. मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) की जिला-वार चेतावनियों के अनुसार प्रभावित इलाकों और मौसम की गंभीरता की जानकारी लेना जरूरी है.
UP Weather: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 अक्टूबर को बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
इस बीच प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि सुबह और रात में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। दूसरी ओर, नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय जल आयोग ने बिहार और उत्तर प्रदेश के गंडक नदी के निचले इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
पश्चिमी यूपी में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग, लखनऊ की ओर से 11 अक्टूबर 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 16 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
12 अक्टूबर को विशेष रूप से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। इसके साथ वज्रपात और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में ओले गिरने का भी खतरा है।
खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खुले स्थानों में रहने, पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। किसानों को भी स्थानीय मौसम चेतावनी के अनुसार खेतों में काम और फसलों की सुरक्षा की योजना बनानी चाहिए।
पूर्वी यूपी में फिलहाल राहत, 15-16 अक्टूबर को बदल सकता है मौसम
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान अपेक्षाकृत राहत देने वाला है। 12 से 14 अक्टूबर तक यहां मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद 15 और 16 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
17 अक्टूबर को मौसम फिर से शुष्क रहने का अनुमान है। जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले सात दिनों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसी जिले के लिए अलग से मौसम संबंधी चेतावनी नहीं दी गई है।
हालांकि, मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। इसलिए लोगों को स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले ताजा मौसम बुलेटिन पर नजर रखनी चाहिए।
झांसी में सबसे ज्यादा 36.2 डिग्री तापमान
प्रदेश में बारिश की संभावना के बीच कई इलाकों में दिन के समय गर्मी का असर भी बना हुआ है। मौसम केंद्र के 11 अक्टूबर को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में झांसी में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था।
आगरा में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा उरई में 33.8 डिग्री, बांदा में 33.4 डिग्री और हमीरपुर में 33.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन के समय गर्मी का प्रभाव अभी बना हुआ है।
सुबह और रात में बढ़ रही हल्की ठंडक
दिन के तापमान के मुकाबले प्रदेश के कुछ जिलों में रात का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा। पिछले 24 घंटों में बस्ती और हरदोई में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बस्ती का न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री और हरदोई का 3.3 डिग्री कम रहा। अयोध्या में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री, गोरखपुर में 20.2 डिग्री और बरेली में 20.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इस तरह प्रदेश में दिन और रात के तापमान में अंतर देखने को मिल रहा है। दिन में गर्मी के बावजूद सुबह और रात में हल्की ठंडक का एहसास हो रहा है।
बिहार और यूपी के गंडक किनारे के इलाकों में सतर्कता
मौसम के बदलाव के बीच केंद्रीय जल आयोग ने नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बाढ़ की स्थिति को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों के लिए विशेष सलाह जारी की है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नेपाल के बूढ़ी गंडकी नदी क्षेत्र में आरूघाट के पास जलस्तर तेजी से बढ़ा है। हालांकि, भारतीय सीमा तक पहुंचते-पहुंचते बाढ़ के पानी का प्रभाव कम होने की संभावना जताई गई है। इसके बावजूद गंडक बराज में पानी की आवक कुछ बढ़ सकती है।
इसी आशंका को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा के आसपास और बिहार तथा उत्तर प्रदेश में गंडक नदी के निचले इलाकों के स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और जलस्तर पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में बिहार या उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों में बाढ़ आने की निश्चित पुष्टि नहीं है। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय प्रशासन और संबंधित विभागों की आधिकारिक सलाह का पालन करना चाहिए।
मौसम चेतावनियों को नजरअंदाज न करें
मौसम विभाग अलग-अलग परिस्थितियों और संभावित खतरे के स्तर के अनुसार चेतावनी जारी करता है। लोगों को बारिश, तेज हवा, वज्रपात और ओलावृष्टि से संबंधित जिला-वार पूर्वानुमान पर ध्यान देना चाहिए।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 अक्टूबर को खराब मौसम की आशंका के मद्देनजर अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचना बेहतर होगा। वहीं, गंडक नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर में संभावित बदलाव के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के मौसम में अंतर बना हुआ है। पश्चिमी यूपी में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का खतरा है, जबकि पूर्वी यूपी में फिलहाल राहत की संभावना है। साथ ही, गंडक नदी के जलस्तर पर बिहार और यूपी के संबंधित इलाकों में प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी।