मिडिल ईस्ट संकट पर मोदी सरकार का ‘एक्शन मोड’! सभी मुख्यमंत्रियों संग आज हाई-लेवल बैठक, ऊर्जा सुरक्षा पर मंथन
इस बैठक को मौजूदा वैश्विक हालात में केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल मजबूत करने की बड़ी पहल माना जा रहा है।
सिर्फ बैठक नहीं, रणनीतिक मंथन
सूत्रों के मुताबिक, यह मीटिंग महज औपचारिक नहीं होगी, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक चर्चा का मंच बनेगी। इसमें पश्चिम एशिया के तनाव से उत्पन्न हालात, ऊर्जा सुरक्षा, और देश में सप्लाई चेन को बनाए रखने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
चुनावी राज्यों के CM नहीं होंगे शामिल
चुनाव आचार संहिता के चलते पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी जैसे राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। उनकी जगह संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव शामिल होंगे, ताकि प्रशासनिक समन्वय बना रहे।
ईंधन को लेकर सरकार का भरोसा
इस बीच विपक्ष ने एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की संभावित किल्लत को लेकर सरकार को घेरा है। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से पैनिक बुकिंग से बचने की अपील भी की है।
उमर अब्दुल्ला की अपील
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि करते हुए लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
वैश्विक संकट की चेतावनी
हाल ही में संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह टकराव सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दे सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।