मोहम्मद शमी के भाई पर रेप का आरोप! शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का दावा, पुलिस जांच में जुटी

Uttar Pradesh: लखनऊ की एक महिला ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी के छोटे भाई और घरेलू क्रिकेटर मोहम्मद कैफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का दावा है कि कैफ ने उसे शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार कर दिया.
 

Uttar Pradesh: भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी के छोटे भाई और घरेलू क्रिकेटर मोहम्मद कैफ को लेकर लखनऊ में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लखनऊ की रहने वाली महिला ने पुलिस से शिकायत कर दावा किया है कि कैफ ने उसे शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी करने से इनकार कर दिया।

महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और आरोपी पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।

इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी मोहम्मद कैफ से पहचान

महिला के अनुसार, उसकी पहचान मोहम्मद कैफ से इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। महिला का दावा है कि इसी दौरान कैफ ने उससे शादी करने का भरोसा दिया था।

शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि शादी के भरोसे के बाद दोनों के बीच संबंध बने। बाद में कथित तौर पर शादी को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई।

शादी के भरोसे पर नौकरी छोड़ने का दावा

महिला ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया है कि वह दिल्ली की एक एयरलाइन कंपनी में केबिन क्रू के तौर पर काम करती थी। महिला के मुताबिक, मोहम्मद कैफ की ओर से शादी का पक्का भरोसा मिलने के बाद उसने अपनी नौकरी तक छोड़ दी।

महिला का आरोप है कि बाद में कैफ ने शादी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की।

डीसीपी ईस्ट के निर्देश पर जांच

मामले में महिला की शिकायत के बाद डीसीपी ईस्ट के निर्देश पर एसीपी विभूतिखंड को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों की जांच कर रही है।

फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। शिकायतकर्ता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और आरोपी पक्ष की प्रतिक्रिया भी सामने आना बाकी है। जांच पूरी होने और दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

Disclaimer

यह खबर शिकायतकर्ता महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच जारी है और आरोपी को दोषी ठहराने का कोई निष्कर्ष जांच/न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले नहीं निकाला जाना चाहिए।