यूपी में बाढ़ के बीच राहत-बचाव अभियान तेज, 21 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया

 

 

 

UP News: उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ की स्थिति के बीच राहत और बचाव का काम लगातार जारी है। प्रशासन की टीमें जलभराव वाले इलाकों और दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, अब तक 21,333 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। राहत अभियान के दौरान अभी तक किसी व्यक्ति या पशु की मौत की सूचना नहीं है।

बुधवार को भी बचाव अभियान में तेजी दिखाई गई और एक ही दिन में 7,903 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए 2,304 नाव और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रभावित परिवारों तक पहुंच रहा खाना और राहत सामान

बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था भी लगातार की जा रही है। प्रशासन की ओर से अब तक 8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट बांटे जा चुके हैं। बुधवार को ही 83,545 लंच पैकेट लोगों तक पहुंचाए गए।

इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों को 1.38 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट भी वितरित की जा चुकी हैं, ताकि प्रभावित लोगों को जरूरी सामान के लिए परेशान न होना पड़े।

1,343 राहत शरणालयों में 7,581 लोगों को मिला सहारा

बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित ठिकाना देने के लिए प्रदेश में 1,343 बाढ़ राहत शरणालय बनाए गए हैं। इन शरणालयों में फिलहाल 7,581 लोग रह रहे हैं। यहां प्रभावित परिवारों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

बीमारियों से बचाव के लिए 1,139 मेडिकल टीमें सक्रिय

बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में 1,139 मेडिकल टीमों को तैनात किया है।

स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अब तक 7.09 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 2.88 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की स्वास्थ्य जांच और जरूरी उपचार में जुटी हैं।

इन 26 जिलों में बाढ़ का असर

उत्तर प्रदेश के जिन जिलों में इस समय बाढ़ का असर है, उनमें अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कौशांबी, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं।

प्रशासन की ओर से इन जिलों में जलस्तर, राहत कार्य और प्रभावित आबादी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार का जोर प्रभावित लोगों तक समय पर भोजन, सुरक्षित आश्रय, स्वास्थ्य सुविधा और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने पर है।