Nandigram Bypoll: जेल से जमानत पर बाहर आते ही मिलन प्रधान का प्रचार शुरू, नंदीग्राम में क्या बदला?

Nandigram:  पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद चुनाव प्रचार में उतर गए हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें छह मामलों में 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी है. करीब 12 दिन न्यायिक हिरासत में रहने के बाद बुधवार को जेल से बाहर निकलते ही उन्होंने नंदीग्राम में प्रचार शुरू किया.
 

Nandigram:  पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान गुरुवार को दोबारा चुनाव प्रचार में उतर गए। उन्होंने क्षेत्र में पैदल घूमकर स्थानीय लोगों और दुकानदारों से मुलाकात की और अपने पक्ष में मतदान की अपील की।

मिलन प्रधान को 2007 से जुड़े छह आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी है और चुनाव प्रचार की अनुमति भी दी है। अदालत के निर्देश के मुताबिक उन्हें 21 अक्टूबर को ट्रायल कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करना होगा।

जमानत पर रिहा होने के बाद मिलन प्रधान ने गुरुवार को स्थानीय कांग्रेस कार्यालय से अपना प्रचार अभियान शुरू किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ वह नंदीग्राम बस स्टैंड होते हुए टेनोर की ओर पैदल गए।

इस दौरान उन्होंने रास्ते में स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से बातचीत की तथा क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इससे पहले रिहाई के बाद उन्होंने कार से रोड शो भी किया था।

जनता के मुद्दे विधानसभा में उठाने का वादा

चुनाव प्रचार के दौरान मिलन प्रधान ने नंदीग्राम की स्थानीय समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि यदि वह चुनाव जीतते हैं, तो विधानसभा में क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को उठाएंगे।

उन्होंने नंदीग्राम में पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा से जुड़े संस्थानों की कमी का मुद्दा उठाया। प्रधान ने दावा किया कि क्षेत्र में सामान्य कॉलेज, तकनीकी कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और आईटीआई जैसी सुविधाओं की कमी है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से नंदीग्राम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है, लेकिन विकास के लिहाज से अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं।

जेलिंगहम परियोजना का भी उठाया मुद्दा

मिलन प्रधान ने जेलिंगहम परियोजना का मुद्दा भी प्रचार के दौरान उठाया। उन्होंने परियोजना के बंद होने पर सवाल किया और क्षेत्र में कृषि तथा पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं की कमी का उल्लेख किया।

उनका दावा है कि नंदीग्राम की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी विधानसभा में आवाज उठाने की जरूरत है।

चुनावी मुकाबले को लेकर प्रधान ने दावा किया कि नंदीग्राम में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आकलन है और चुनाव परिणाम मतदाताओं के मतदान तथा मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।

गिरफ्तारी को लेकर लगाए राजनीति से प्रेरित होने के आरोप

मिलन प्रधान ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो दशक पुराने मामलों में उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उसी मामले में नामजद अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

इन आरोपों पर संबंधित अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। प्रधान के खिलाफ दर्ज मामलों में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और अदालत ने इन आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।

भाजपा प्रत्याशी हसीरानी रथ भी प्रचार में सक्रिय

नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा की ओर से हसीरानी रथ चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने भी अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र में प्रचार शुरू कर दिया है। गुरुवार को वह पार्टी समर्थकों के काफिले के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर प्रचार करती नजर आईं।

इस बीच भाजपा प्रत्याशी के चुनावी हलफनामे को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवाल पर भी कानूनी प्रक्रिया हुई है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने कांग्रेस की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें हसीरानी रथ के हलफनामे में कथित विसंगतियों को लेकर सवाल उठाए गए थे।

शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट

नंदीग्राम विधानसभा सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। 2026 के विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों जगह जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट बरकरार रखने का फैसला किया, जिसके बाद नंदीग्राम में उपचुनाव की स्थिति बनी।

टीएमसी ने कांग्रेस प्रत्याशी को दिया समर्थन

नंदीग्राम उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया है। टीएमसी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस ले लिया था, जिसके बाद पार्टी की ओर से कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन की बात सामने आई।

अब मिलन प्रधान की जमानत के बाद कांग्रेस के चुनाव प्रचार ने फिर गति पकड़ ली है। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी हसीरानी रथ भी लगातार प्रचार कर रही हैं।

6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को मतगणना

नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना होगी।

मिलन प्रधान को मिली अंतरिम जमानत को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख भी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस चुनौती पर सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख तय की है और हाईकोर्ट के अंतरिम जमानत आदेश के खिलाफ राज्य की अपील पर आगे की प्रक्रिया जारी है।