Nashik Earthquake: नासिक में फिर कांपी धरती, एक ही दिन में 2 भूकंप; महाराष्ट्र में एक महीने में 25 से ज्यादा झटके

Major Earthquake Disaster felt again in Nashik: महाराष्ट्र के नासिक में सोमवार को 2.5 और 3.0 तीव्रता के दो हल्के भूकंप दर्ज किए गए. दोनों झटके करीब 5 किलोमीटर की गहराई पर आए. पिछले एक महीने में महाराष्ट्र में 25 से ज्यादा भूकंप दर्ज हो चुके हैं, जिससे नासिक और आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ी है.
 

Nashik: महाराष्ट्र के नासिक जिले में सोमवार को एक बार फिर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, जिले के कुछ हिस्सों में 2.5 और 3.0 तीव्रता के दो भूकंप दर्ज किए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन झटकों से किसी तरह की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

सुबह और दोपहर में महसूस हुए भूकंप के झटके

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, सोमवार सुबह 5:06 बजे 2.5 तीव्रता और दोपहर 12:40 बजे 3.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। दोनों भूकंपों की गहराई करीब 5 किलोमीटर बताई गई है।

जिला प्रशासन के अनुसार, नासिक के पेठ, सुरगाणा और डिंडोरी तालुका के कुछ हिस्सों में इन झटकों को महसूस किया गया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।

नासिक में पहले भी महसूस हो चुके हैं झटके

नासिक में पिछले कुछ सप्ताह से लगातार हल्के भूकंप दर्ज किए जा रहे हैं। इससे पहले 25 से 28 जुलाई के बीच तथा 6, 8, 10 और 14 अगस्त को भी जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

इनमें से कुछ झटकों के बाद सुरगाणा तालुका के भादर और डिंडोरी तालुका के नानाशी में कुछ घरों की दीवारों में दरारें आने की जानकारी सामने आई थी।

एक महीने में 25 से ज्यादा भूकंप

महाराष्ट्र में पिछले करीब एक महीने के दौरान 25 से ज्यादा भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं। इनकी तीव्रता लगभग 2 से 4.3 के बीच रही है। ज्यादातर झटके जमीन के नीचे करीब 5 से 8 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किए गए।

इस दौरान सबसे तेज झटका 8 अगस्त को नासिक में दर्ज किया गया था, जिसकी तीव्रता 4.3 थी और इसकी गहराई करीब 5 किलोमीटर बताई गई थी।

नासिक और पालघर में भूकंपीय गतिविधियों पर नजर

लगातार भूकंपीय गतिविधियों को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले सप्ताह प्रशासन को नासिक और पालघर जिलों में भूकंपीय गतिविधियों का व्यापक आकलन करने के निर्देश दिए थे।

इसके साथ ही लोगों और खासकर छात्रों के बीच भूकंप से बचाव और सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान तेज करने को भी कहा गया था।

क्या होता है Earthquake Swarm?

विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी इलाके में कम समय के दौरान बार-बार छोटे-छोटे भूकंप आते हैं, तो इस स्थिति को Earthquake Swarm (भूकंपों का झुंड) कहा जाता है।

यह Aftershock (आफ्टरशॉक) से अलग होता है। आफ्टरशॉक आमतौर पर किसी बड़े भूकंप के बाद उसी क्षेत्र में आने वाले छोटे झटके होते हैं। वहीं Earthquake Swarm में जरूरी नहीं कि इससे पहले कोई बड़ा भूकंप आया हो। इसमें अपेक्षाकृत कम तीव्रता वाले कई भूकंप लगातार या अंतराल पर दर्ज हो सकते हैं।

क्या बड़ी आपदा की आहट है?

नासिक में लगातार छोटे भूकंप आने से लोगों के बीच चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन केवल लगातार छोटे भूकंपों के आधार पर किसी बड़े भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। वैज्ञानिक निगरानी और विस्तृत अध्ययन से ही इन भूकंपीय गतिविधियों की प्रकृति को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।

फिलहाल प्रशासन की नजर नासिक और आसपास के इलाकों में हो रही भूकंपीय गतिविधियों पर बनी हुई है।