दिल्ली में होम्योपैथी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वास्थ्य सेवाओं पर हुआ मंथन
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में होम्योपैथिक चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। वक्ताओं ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रयोग से रोगों की पहचान, डेटा विश्लेषण और उपचार प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही डिजिटल युग में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के विभिन्न आयामों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
संगोष्ठी में वरिष्ठ चिकित्सकों और अकादमिक विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि तकनीक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का संतुलित उपयोग भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा। कार्यक्रम के दौरान इंटरएक्टिव सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें उपस्थित डॉक्टरों ने सवाल-जवाब के माध्यम से अपने विचार रखे।
संगठन ने दोहराई प्रतिबद्धता
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रमों का मकसद चिकित्सकों को नवीनतम तकनीकी जानकारी से अपडेट रखना और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे अकादमिक आयोजनों को जारी रखने की बात कही।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और वक्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस संगोष्ठी को होम्योपैथिक चिकित्सा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।