Navratri Day 1: आज से शारदीय नवरात्रि महोत्सव का आगाज! कलश स्थापना से मंत्र जाप तक, जानें पहले दिन की पूरी पूजा
Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित होते हैं। इस दौरान श्रद्धालु व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, शांति तथा परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ पूजा का संकल्प लिया जाता है।
मां शैलपुत्री की पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। इन्हें मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप माना जाता है। मां शैलपुत्री के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल सुशोभित रहता है। वे वृषभ यानी बैल पर सवार होती हैं।
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करने से भक्तों को मानसिक शांति, सुख और समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है। श्रद्धालु इस दिन पूरे विधि-विधान से मां की आराधना कर नौ दिनों की पूजा की शुरुआत करते हैं।
कलश स्थापना कैसे करें?
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। इसके लिए पूजा स्थल की साफ-सफाई कर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद निर्धारित शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें।
कलश में स्वच्छ जल भरकर उसमें आम या अशोक के पत्ते लगाएं और ऊपर नारियल स्थापित करें। पूजा स्थल पर मिट्टी के पात्र में जौ बोने की परंपरा भी है। इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान करते हुए दीप जलाएं और पूजा का संकल्प लें।
ध्यान रखें: कलश स्थापना के लिए अपने स्थानीय पंचांग में दिए गए शुभ मुहूर्त का पालन करें।
मां शैलपुत्री को क्या चढ़ाएं?
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री को सफेद रंग की वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार मां को सफेद फूल, अक्षत, धूप, दीप और फल चढ़ा सकते हैं। मां को गाय के दूध से बनी मिठाई या अन्य सात्विक भोग भी अर्पित किया जा सकता है।
पूजा के बाद भोग को प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों और अन्य श्रद्धालुओं में बांटा जाता है।
मां शैलपुत्री का पूजा मंत्र
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप किया जाता है:
ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः।
भक्त इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप कर मां दुर्गा से सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा की कामना कर सकते हैं।
नवरात्रि के पहले दिन इन बातों का रखें ध्यान
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सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ रखें।
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कलश स्थापना निर्धारित शुभ मुहूर्त में करें।
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पूजा के दौरान मां शैलपुत्री के मंत्र का जाप करें।
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व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार व्रत के नियमों का पालन करें।
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पूजा में सात्विकता, स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें।
मां दुर्गा की आराधना से होगी नवरात्रि की शुरुआत
शारदीय नवरात्रि आस्था, भक्ति और साधना का महत्वपूर्ण पर्व है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ श्रद्धालु नौ दिनों तक चलने वाली आराधना का शुभारंभ करते हैं। मंदिरों और घरों में पूजा-अर्चना के माध्यम से भक्त मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से की गई प्रार्थना भक्तों को आत्मिक शांति और सकारात्मकता का अनुभव कराती है।