UP Exams में सुरक्षा का नया प्लान! परीक्षा केंद्रों का पहले होगा सिक्योरिटी ऑडिट
UttarPradesh: उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार ने परीक्षा केंद्रों की जांच व्यवस्था को और सख्त करने का फैसला किया है। अब किसी स्कूल, कॉलेज या कंप्यूटर सेंटर को परीक्षा केंद्र बनाने से पहले STF उसकी पूरी पड़ताल करेगी। केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर संचालक और कर्मचारियों के रिकॉर्ड तक की जांच की जाएगी। जांच में सभी मानक पूरे होने के बाद ही संबंधित संस्थान को परीक्षा केंद्र बनाने की मंजूरी मिलेगी।
परीक्षा केंद्र बनने से पहले STF करेगी जांच
उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया अब पहले से अधिक कड़ी होगी। किसी स्कूल, कॉलेज या कंप्यूटर सेंटर को सीधे परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
परीक्षा केंद्र बनाए जाने से पहले STF संबंधित संस्थान की सिक्योरिटी ऑडिट करेगी। सरकारी और निजी संस्थानों के अलावा ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कराने वाले कंप्यूटर सेंटर भी जांच के दायरे में होंगे।
STF यह जांच करेगी कि संस्थान में परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों, प्रश्नपत्र और परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद हैं या नहीं।
संचालक और कर्मचारियों का भी होगा वेरिफिकेशन
जांच केवल परीक्षा केंद्र की भौतिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगी। STF केंद्र संचालक, शिक्षक और वहां काम करने वाले कर्मचारियों का भी सत्यापन करेगी।
संबंधित लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा संचालन और केंद्र की व्यवस्था से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जाएंगी।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसे संस्थानों और व्यक्तियों की पहचान करना है, जो किसी भी तरह से परीक्षा की गोपनीयता या निष्पक्षता के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
मौके पर जाकर होगा फिजिकल वेरिफिकेशन
परीक्षा केंद्रों की जांच केवल दस्तावेजों के आधार पर नहीं की जाएगी। STF की टीम मौके पर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन भी करेगी।
इसके साथ ही गोपनीय तरीके से जांच कर केंद्र की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और परीक्षा संचालन से जुड़े जरूरी इंतजामों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
यदि जांच में सभी व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप पाई गईं, तभी संबंधित संस्थान को परीक्षा केंद्र बनाने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, किसी तरह की गंभीर कमी या संदिग्ध गतिविधि मिलने पर संस्थान को परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर किया जा सकता है।
STF तैयार कर रही परीक्षा केंद्रों का डेटा बैंक
STF की ओर से स्कूल, कॉलेज और ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों से जुड़ा डेटा बैंक तैयार करने की भी प्रक्रिया चल रही है। इसमें प्रत्येक परीक्षा केंद्र से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जाएंगी।
डेटा बैंक में यह जानकारी भी शामिल की जाएगी कि किसी संस्थान को पहले कभी परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था या नहीं।
इसके अलावा केंद्रों पर लगे CCTV कैमरों, कंप्यूटर संचालन से जुड़े कर्मचारियों और ऑनलाइन परीक्षा कराने वाली कंपनियों से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी। इससे भविष्य में किसी परीक्षा केंद्र की पृष्ठभूमि और सुरक्षा व्यवस्था की जांच करना आसान होगा।
संदिग्ध केंद्रों को परीक्षा प्रक्रिया से रखा जाएगा दूर
नई व्यवस्था के तहत परीक्षा से पहले ही ऐसे संस्थानों की पहचान करने की कोशिश होगी, जहां सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ सकते हैं। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या गंभीर कमी सामने आने पर संबंधित संस्थान को परीक्षा केंद्र की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
सरकार का मकसद परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।
नकल और पेपर लीक पर लगेगा अंकुश
परीक्षा केंद्रों की पहले से जांच होने पर संदिग्ध संस्थानों और लोगों को परीक्षा प्रक्रिया से दूर रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे नकल, पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की कोशिश होगी।
साथ ही, परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और वहां काम करने वाले लोगों के सत्यापन से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। सरकार की इस पहल का सीधा उद्देश्य अभ्यर्थियों को सुरक्षित और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है।