‘कोई सरकार स्थायी नहीं’... नंदीग्राम में शुभंकर सरकार का बड़ा बयान, शुभेंदु पर साधा निशाना

Haldia Bypoll: नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने मंगलवार को हल्दिया एसडीओ कार्यालय में नामांकन दाखिल किया. इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. शुभंकर सरकार ने नंदीग्राम की जनता से बदलाव और विकास के लिए कांग्रेस के समर्थन की अपील की.
 

Haldia Bypoll: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने हल्दिया स्थित एसडीओ कार्यालय में अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर सरकार समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस ने इससे पहले मिलन प्रधान को नंदीग्राम से अपना उम्मीदवार घोषित किया था।

नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचीत में शुभंकर सरकार ने नंदीग्राम की जनता से बदलाव और विकास के नाम पर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीति पर भी तीखा हमला बोला।

‘नंदीग्राम की जनता बदलाव चाहती है’

शुभंकर सरकार ने कहा कि नंदीग्राम की जनता विकास चाहती है और बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस राज्य में ‘विकास का नया सवेरा’ लेकर आएगी।

उन्होंने कहा कि जनता किसी भी सरकार को हमेशा सत्ता में नहीं रखती। उनके मुताबिक पश्चिम बंगाल में कांग्रेस, वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस की सरकारें आईं और समय के साथ सत्ता बदली।

‘ममता के रास्ते पर चल रहे शुभेंदु’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह ममता बनर्जी की कथित चुनावी शैली को ही आगे बढ़ा रहे हैं।

शुभंकर सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री मतदान से पहले ही नंदीग्राम में रिकॉर्ड वोटों से जीत का दावा कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें पहले से कैसे पता है कि भाजपा रिकॉर्ड अंतर से चुनाव जीतेगी।

उन्होंने आशंका जताते हुए चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, ईवीएम में गड़बड़ी या चुनाव में गैरकानूनी तरीके से वोट बढ़ाने संबंधी उनके सवाल राजनीतिक आरोप/आशंका के रूप में हैं, इनके समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को नंदीग्राम में भाजपा की जीत का दावा करते हुए कहा कि पार्टी 50 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत सकती है।

‘कोई सरकार स्थायी नहीं होती’

शुभंकर सरकार ने कहा कि कोई भी सरकार स्थायी नहीं होती। उन्होंने कहा कि समय के साथ सरकारें बदलती रही हैं और जनता जब चाहे सत्ता परिवर्तन कर सकती है।

उन्होंने कहा कि नंदीग्राम उपचुनाव में जीत या हार से मौजूदा सरकार की स्थिरता पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन मुख्यमंत्री के स्तर से चुनाव परिणाम को लेकर पहले ही इतना बड़ा दावा करना उचित नहीं है।

मिलन प्रधान के नामांकन में जुटे कांग्रेस नेता

मिलन प्रधान के नामांकन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के अलावा पश्चिम बंगाल के कांग्रेस पर्यवेक्षक प्रकाश जोशी, सांसद ईशा खान चौधरी, विधायक जुल्फिकार शेख और पूर्व मेदिनीपुर के दोनों संगठनात्मक जिलों के जिलाध्यक्ष समेत कई नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिलन प्रधान के समर्थन में पदयात्रा भी निकाली। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव ताता भट्टाचार्य, आशुतोष चट्टोपाध्याय, पूजा रॉय चौधरी, मीता चक्रवर्ती, रासू दत्त, सुमन राय चौधरी, तपन दास, कमल मित्र, रणजीत मुखर्जी और अजितेश पांडेय समेत कई नेता कार्यक्रम में शामिल हुए।

नंदीग्राम में मुकाबला हुआ दिलचस्प

नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस ने मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी रहे दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है। वहीं टीएमसी ने भी अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

इससे नंदीग्राम में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच भी उम्मीदवार और पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग इस मामले पर 17 सितंबर के आसपास अंतरिम फैसला कर सकता है।

6 अक्टूबर को मतदान, 9 को नतीजे

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है।

नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। 2026 के विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी और बाद में भवानीपुर सीट को बरकरार रखते हुए नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया था।

ऐसे में अब कांग्रेस के मिलन प्रधान के नामांकन और शुभंकर सरकार के तीखे हमले के बाद नंदीग्राम का चुनावी मुकाबला और गरमा गया है।