एक मां, दो बच्चे और खौफनाक वारदात! आखिर क्यों 11 साल के मासूम को अपनी ही मां ने दी खौफनाक सजा!

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 11 साल के एक बच्चे की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है कि मां ने अपने ही बेटे का गला घोंटकर उसकी जान ले ली. घटना के दौरान 15 साल की बेटी भी वहां मौजूद थी. आरोप है कि मां ने बेटी को घटना के बारे में किसी को बताने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी. डर के कारण किशोरी चुप रही. बाद में जांच के दौरान हत्या का राज खुलने की बात सामने आई.
 

Prayagraj:  जिस मां की गोद को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है, उसी मां पर अपने 11 साल के बेटे की हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के बहरिया थाना क्षेत्र के मंसूरपुर गांव में रामसुख की संदिग्ध मौत के मामले में उसकी 15 वर्षीय बड़ी बहन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। किशोरी ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी आंखों के सामने मां को कपड़े के फीते से भाई का गला कसते देखा था। आरोप है कि घटना के बाद मां ने उसे भी किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी।

पिता की शिकायत और बेटी के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी मां सोना देवी को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

रामलीला देखकर घर लौटा था 11 साल का रामसुख

मामला प्रयागराज के बहरिया थाना क्षेत्र स्थित मंसूरपुर गांव का है। रामसुख के पिता पूर्णमासी लाल मौर्य के मुताबिक, 29 अक्टूबर को वह करेली में मजदूरी कर रहे थे। इसी दौरान उनके भतीजे महेंद्र ने फोन कर बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की सूचना दी।

खबर मिलते ही वह घर पहुंचे, जहां दरवाजे पर बेटे का शव रखा हुआ था। पत्नी सोना देवी ने बताया कि रामसुख 28 अक्टूबर की रात रामलीला देखकर घर लौटा था। उसने पेट में दर्द होने की बात कही और सोने चला गया। इसके बाद उसकी मौत हो गई।

बेटे के गले पर निशान देखकर पिता को हुआ शक

पत्नी की बात सुनने के बाद भी पिता को बेटे की मौत की वजह पर संदेह हुआ। उन्होंने रामसुख के गले पर निशान देखे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना सामने आया। इसके बाद मामले की जांच तेज कर दी गई।

बहन ने पुलिस को बताई घटना की पूरी कहानी

घटना के बाद रामसुख की 15 वर्षीय बहन संगीता लगातार रो रही थी। 30 अक्टूबर को उसने पिता के सामने उस रात की पूरी घटना बताई। संगीता के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात उसने मां को कपड़े के फीते से रामसुख का गला कसते देखा था। उसने बताया कि मां ने भाई की पीठ पर भी वार किया था और गला कसने के दौरान वह छटपटाता रहा।

किशोरी ने यह भी आरोप लगाया कि मां ने घटना के बाद उसे धमकाया था कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसके साथ भी वही होगा, जो उसके भाई के साथ हुआ है। इसी डर से वह पहले चुप रही।

बेटे से परेशान रहने की बात कहती थी मां

संगीता ने अपने बयान में बताया कि उसकी मां सोना देवी रामसुख से परेशान रहती थी। मां का कहना था कि बेटा उसे गाली देता था और उसके साथ मारपीट करता था। पुलिस अब मामले में सामने आए इन बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

पिता की शिकायत पर हत्या का केस, आरोपी मां जेल भेजी गई

बेटी से पूरी जानकारी मिलने के बाद पूर्णमासी लाल मौर्य उसे लेकर बहरिया थाने पहुंचे और पुलिस को लिखित शिकायत दी। उनकी तहरीर और किशोरी के बयान के आधार पर सोना देवी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। इससे पहले परिजनों की ओर से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

थानाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी सोना देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। वहीं, 11 साल के रामसुख की मौत के बाद उसकी बड़ी बहन का बयान इस मामले की जांच में अहम कड़ी बना।