शिक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष का देशव्यापी प्रदर्शन, कर्नाटक, पंजाब और झारखंड में सरकार घिरी
National: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब ये विरोध प्रदर्शन अब कई राज्यों तक फैल गया है. कर्नाटक, पंजाब और झारखंड में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने राज्य के शिक्षा मंत्रियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए शिक्षा व्यवस्था और हालिया विवादों को लेकर सरकार को घेरा.
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में सरकार विफल रही है. इसी के विरोध में विभिन्न राज्यों में शिक्षा विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की गई. कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकारों से भी जवाब मांगा और संबंधित शिक्षा मंत्रियों से इस्तीफे की मांग उठाई. लखनऊ में विश्वविद्यालय के छात्रों ने सोमवार को लखनऊ में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है अगर पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया है, तो जिन राज्यों में भी ऐसे आरोप लगे हैं, वहां के शिक्षा मंत्रियों पर भी समान रूप से जवाबदेही तय होनी चाहिए और उन्हें भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.
पंजाब में भी सरकारी भर्तियों में गड़बड़ी
पंजाब की दो बड़ी सरकारी भर्तियों को लेकर सियासत का पारा चढ़ गया है. केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के बाद शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो चुका है. इसके ठीक बाद अब पंजाब में विपक्षी दल कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल भगवंत मान सरकार को पेपरलीक के मुद्दे पर कटघरे में खड़ा कर रहे है. विपक्ष का आरोप है कि पंजाब में एक के बाद एक परीक्षाओं के पेपर लीक और हाई-टेक धांधली हो रही है, जबकि राज्य सरकार का दावा है कि राज्य में कोई 'पेपर लीक' नहीं हुआ, बल्कि समय रहते नकल माफिया का पर्दाफाश किया गया है. दरअसल फार्मेसी डिपार्टमेंट और कृषि विभाग से जुड़े दो केस एसे हैं, जिन पर पूरा बवाल मचा हुआ है. इन मामलों में लगातार पंजाब सरकार की किरकिरी हो रही है. इन मामलों में लगातार पंजाब सरकार की किरकिरी हो रही है.
Pharmacy Officer Exam: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत 454 फार्मेसी अफसरों की भर्ती के लिए हाल ही में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) द्वारा परीक्षा आयोजित की गई थी. इसमें करीब 7,000 उम्मीदवार शामिल हुए थे. ये परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर स्पेशल काउंटर इंटेलिजेंस और पुलिस की फ्लाइंग स्क्वाड टीमों ने फरीदकोट, फिरोजपुर और कोट कपूरा के सेंटरों पर छापेमारी की.
अभ्यर्थियों को बोले जा रहे थे उत्तर
इसमें 28 उम्मीदवारों सहित कुल 35 लोगों को हिरासत/गिरफ्तार किया गया. अभ्यर्थी पगड़ी, जुराबों और अंडरगारमेंट्स में बटन और छोटे वायरलेस ब्लूटूथ डिवाइस इसमें 28 उम्मीदवारों सहित कुल 35 लोगों को हिरासत/गिरफ्तार किया गया. अभ्यर्थी पगड़ी, जुराबों और अंडरगारमेंट्स में बटन और छोटे वायरलेस ब्लूटूथ डिवाइस लाए थे. फिरोजपुर के एक सेंटर से पेन कैमरे से प्रश्नपत्र स्कैन कर व्हाट्सएप पर बाहर भेजा गया, जहां हरियाणा और राजस्थान से ऑपरेट हो रहे कंट्रोल रूम से अभ्यर्थियों को उत्तर बोले जा रहे थे.
खबरों के मुताबिक ये गैंग प्रति कैंडिडेट 3.5 लाख से 13 लाख रुपये वसूल रहा था. विपक्ष ने इसे सीधा पेपर लीक और सिस्टम की नाकामी करार देते हुए राज्य के वहीं पंजाब पुलिस व प्रशासन का कहना है कि यह प्री-एग्जाम पेपर लीक नहीं था, बल्कि परीक्षा शुरू होने के बाद रियल-टाइम में की गई 'हाई-टेक नकल' थी, जिसे वक्त रहते पकड़कर नेस्तनाबूद कर दिया गया.
कृषि विकास अधिकारी (ADO) भर्ती परीक्षा में भी विवाद: खेतीबाड़ी एवं किसान कल्याण विभाग में कृषि विकास अधिकारी (Agriculture Development Officer - ADO) की भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद काफी समय से सुर्खियों में है. विपक्ष (विशेष रूप से शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस) का दावा है कि इस परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही लीक कर दिया गया था. विपक्षी नेताओं का आरोप है कि पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) द्वारा कराई गई इस परीक्षा में प्रश्नपत्र के सेट लीक हुए थे और बाद में मामले को दबाने के लिए असामान्य तरीके से ग्रेस मार्क्स का सहारा लिया गया. इस परीक्षा में पारदर्शी जांच और पुनः परीक्षा की मांग को लेकर कृषि स्नातकों और युवा अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किए थे.
आंध्र प्रदेश के शिक्षामंत्री नारा लोकेश से इस्तीफे की मांग
आंध्र प्रदेश में मेगा DSC-2025 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है. विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग की है. पार्टी ने पूरे मामले की अदालत की निगरानी में CBI जांच कराने की भी मांग की है.
वाईएसआरसीपी के नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री आदिमुलापु सुरेश तथा पार्टी के छात्र विंग के कार्यकारी अध्यक्ष रविचंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य की गठबंधन सरकार ने भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता, गोपनीयता और निष्पक्षता से समझौता किया है. उनका दावा है कि इससे करीब 3.5 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है. आदिमुलापु सुरेश ने सवाल उठाया कि प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी और अधिकारियों को क्यों दी गई. उनके मुताबिक इससे पूरी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पेपर अपलोड करने जैसे गोपनीय कार्य आउटसोर्स कर्मचारियों से कराए गए.
साथ ही दावा किया कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों ने ही शीर्ष रैंक हासिल की है, जिससे गंभीर संदेह पैदा होता है. वाईएसआरसीपी का कहना है कि का कहना है कि उसने इस मामले से जुड़े सैकड़ों दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और वीडियो राज्यपाल को सौंप दिए हैं. पार्टी के अनुसार, मेगा DSC भर्ती से जुड़े कई मामले फिलहाल अदालत में भी लंबित हैं.
तेलंगाना में बीजेपी ने मांगा शिक्षामंत्री का इस्तीफा
तेलंगाना में बीजेपी ने सीएम रेवंत रेड्डी से शिक्षामंत्री के पद से इस्तीफा मांगा है. तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कहा कि अगर राज्य सरकार विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस री-इंबर्समेंट योजना के तहत लंबित 12,000 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कर सकती तो मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को शिक्षा विभाग अपने पास नहीं रखना चाहिए.
राव ने 25 जुलाई को नीट पेपर लीक मामले को लेकर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा हैदराबाद में निकाली गई रैली पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर कांग्रेस सरकार करीब 20 लाख छात्रों से जुड़ी इस योजना के लंबित बकाये का भुगतान नहीं करती है, तो उसे जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ेगा.