बंगाल में पैर पसार रहा पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क! बर्धमान से जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध गिरफ्तार, CM शुभेंदु अधिकारी समेत कई नेता थे निशाने पर

Kolkata: गिरफ्तार आरोपी की पहचान हामिद मंडल के रूप में हुई है. जांच एजेंसियों के मुताबिक वह बर्धमान के रेनेसां हाउसिंग स्थित एक किराए के फ्लैट में परिवार के साथ रह रहा था. बताया जा रहा है कि उसने अपनी पहचान छिपाकर आम नागरिक की तरह रहना शुरू कर दिया था, जिससे स्थानीय लोगों को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ.
 

Kolkata: पश्चिम बंगाल में एक संदिग्ध आतंकी गतिविधि का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पूर्वी बर्धमान जिले से जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित तौर पर जुड़े एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि आरोपी भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रख रहा था और उनकी रेकी कर रहा था. हालांकि, इस संबंध में जांच अभी जारी है और एजेंसियां सभी डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं.

बर्धमान के किराए के फ्लैट से हुई गिरफ्तारी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान हामिद मंडल के रूप में हुई है. जांच एजेंसियों के मुताबिक वह बर्धमान के रेनेसां हाउसिंग स्थित एक किराए के फ्लैट में परिवार के साथ रह रहा था. बताया जा रहा है कि उसने अपनी पहचान छिपाकर आम नागरिक की तरह रहना शुरू कर दिया था, जिससे स्थानीय लोगों को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ.

खुफिया इनपुट मिलने के बाद STF ने फ्लैट पर छापेमारी कर उसे हिरासत में लिया. तलाशी के दौरान उसके पास से मोबाइल फोन, डिजिटल दस्तावेज, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं.

डिजिटल डिवाइस से मिले अहम सुराग

जांच एजेंसियों का दावा है कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में शुभेंदु अधिकारी के रूट, सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट से जुड़ी जानकारी मिली है. हालांकि इन दस्तावेजों और डिजिटल फाइलों की फॉरेंसिक जांच अभी जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपी केवल जानकारी जुटा रहा था या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था.

कश्मीर स्थित नेटवर्क से संपर्क की आशंका

प्रारंभिक जांच में एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी के संपर्क कश्मीर में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद नेटवर्क और उसके कथित हैंडलरों से थे. आरोप है कि वह शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी अपने संपर्कों तक पहुंचा रहा था. फिलहाल एजेंसियां कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच कर रही हैं.

केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल

मामले की गंभीरता को देखते हुए STF के साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं. अधिकारियों का मानना है कि यह मामला किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है. जांच का फोकस अब आरोपी के स्थानीय संपर्कों, फंडिंग नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की पहचान करने पर है.

कई पहलुओं पर चल रही जांच

सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी पश्चिम बंगाल में कब से सक्रिय था, उसे स्थानीय स्तर पर किसका सहयोग मिल रहा था और उसका नेटवर्क कितना व्यापक था. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कथित साजिश की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी. फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है.