अखिलेश यादव की सपा पर पंकज चौधरी का हमला, बोले- PDA नहीं ‘पीड़ा, दमन और अपमान’ की राजनीति करती है पार्टी
पंकज चौधरी ने कहा कि जिस पार्टी के मंचों से महिला सम्मान और सामाजिक न्याय की बातें की जाती हैं, उसी पार्टी की महिला पदाधिकारी के साथ उनके ही घर में मारपीट होना सपा के असली चरित्र को दिखाता है। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की राजनीति केवल भाषणों और पोस्टरों तक सीमित है, जबकि जमीन पर महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार होता है, यह चंदौली की घटना ने सामने ला दिया है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में “बातों के बताशे” ज्यादा फोड़े जाते हैं। महिला सम्मान का दावा करने वाली पार्टी अपनी ही महिला नेता की सुरक्षा नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं सपा के चाल, चरित्र और चेहरे को अच्छी तरह पहचान चुकी हैं।
उधर भाजपा की सहयोगी पार्टी सुभासपा के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी इस मामले को लेकर सपा पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में गैर-यादव पिछड़े, कुर्मी और प्रजापति समाज खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते। राजभर ने सपा पर “यादववादी राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय की बात तो करती है, लेकिन व्यवहार में भेदभाव करती है।
उन्होंने महाभारत के द्रौपदी चीरहरण प्रसंग का जिक्र करते हुए सपा नेतृत्व की तुलना “मौन दर्शकों” से की। राजभर ने कहा कि जो पार्टी अपनी महिला नेताओं की सुरक्षा नहीं कर सकती, उसे महिला सम्मान और सामाजिक न्याय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
दरअसल, पूरा मामला चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के मढ़िया गांव का है। समाजवादी पार्टी की महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल पर कथित तौर पर कुछ लोगों ने घर में घुसकर हमला कर दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें कुछ लोग उन्हें बाल पकड़कर घसीटते और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। बीच-बचाव करने पहुंची एक महिला के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।
गार्गी पटेल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले कई वर्षों से जमीन के कारोबार से जुड़ी हैं और इसी को लेकर विवाद चल रहा था। उनका आरोप है कि गुरुवार सुबह कुछ लोग उनके घर में घुस आए और जानलेवा हमला किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके सिर पर टेबल से वार किया।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है और विपक्षी दल कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।