अभिषेक बनर्जी के PA होने के शक में यात्री को बस से उतारा, भाजपा कार्यकर्ताओं पर बदसलूकी का आरोप

West Bengal: पश्चिम बंगाल में देर रात उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक बस को रोककर उसमें सवार एक यात्री से पूछताछ शुरू कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं ने बस रुकवाकर यात्री से पहचान संबंधी सवाल पूछे और उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की.
 

West Bengal: पश्चिम बंगाल में देर रात उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक बस को रोककर उसमें सवार एक यात्री से पूछताछ शुरू कर दी. कार्यकर्ताओं को शक था कि वह यात्री तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का निजी सहायक (PA) है. हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि वह व्यक्ति अभिषेक बनर्जी का पीए नहीं था.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं ने बस रुकवाकर यात्री से पहचान संबंधी सवाल पूछे और उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की. घटना के दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.  यह खबर गुरुवार रात गंगारामपुर नगरपालिका के चौपाटी इलाके में फैल गई. इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने कोलकाता जा रही बस को गंगारामपुर में रोक दिया. भाजपा कार्यकर्ताओं ने पहले तो उसके साथ बदसलूकी की, लेकिन पुलिस के पहुंचने के बाद सच्चाई कुछ और ही निकली. पता चला कि बस में अभिषेक का कोई करीबी सहयोगी नहीं, बल्कि उनका सुरक्षाकर्मी सवार था.

देर रात झंडे हाथ लिये उग्र भाजपा कार्यकर्ताओं अचानक बस में चढ़ते देख अन्य यात्री दहशत में आ गए. स्थिति बिगड़ने पर सूचना मिलते ही गंगारामपुर पुलिस स्टेशन की भारी पुलिस टुकड़ी तुरंत मौके पर पहुंची. यहां तक ​​कि गंगारामपुर पुलिस स्टेशन के सूचना अधिकारी भी सूचना मिलते ही मौके पर आ गए. पुलिस ने बस में सवार व्यक्ति की पहचान की पुष्टि की.

बस पर सवार यात्री में कोई अभिषेक का पीए नहीं

पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया कि वह व्यक्ति अभिषेक बनर्जी का पीए सुमित नहीं था. उसका नाम शरीफुल आलम है. वह पहले अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कार्यरत पुलिस अधिकारी था. बाद में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद वह वर्तमान में दक्षिण दिनाजपुर जिले के सूचना एवं संचार मंत्रालय कार्यालय में कार्यरत है. इसके बाद पुलिस ने बस को छोड़ दिया. स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई.

इस संबंध में गंगारामपुर नगर भाजपा अध्यक्ष वृंदावन घोष ने कहा- गंगारामपुर में लोगों ने अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी सुमित रॉय की गाड़ी समझकर एक कार को शक के आधार पर रोका. जब हमें इसकी जानकारी मिली, तो हमने पुलिस प्रशासन को सूचित किया. बाद में पुलिस पूछताछ के दौरान पता चला कि वह व्यक्ति पहले अभिषेक बनर्जी की निजी सुरक्षा का प्रभारी था. वह फरार सुमित रॉय नहीं है. गलतफहमी दूर होने के बाद पुलिस ने गाड़ी छोड़ दी.