नेपाल में तबाही के बाद PM मोदी का बड़ा कदम! बालेन शाह से बात, भारत भेजेगा तुरंत मदद

Nepal Flood Tragedy: नेपाल में भीषण बाढ़ से भारी तबाही के बाद भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली और जनहानि पर दुख जताया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा है और हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है.
 

Nepal Flood Tragedy: नेपाल और चीन से सटे सीमावर्ती इलाकों में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। बाढ़ और सैलाब की चपेट में आने से अब तक 46 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं करीब 300 विदेशी पर्यटकों के लापता होने की खबर है, जिनमें कम से कम 105 भारतीय नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 90 से अधिक नेपाली नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत कर बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया और हर संभव मानवीय एवं राहत सहायता का भरोसा दिया।

पीएम मोदी ने बालेन शाह से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बातचीत के दौरान बाढ़ में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में भारत नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने भरोसा दिया कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। दोनों देशों की टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत जल्द से जल्द राहत सामग्री और आवश्यक उपकरण नेपाल भेजने की तैयारी कर रहा है।

Spoke to Prime Minister Balendra Shah and conveyed condolences on the loss of lives due to the floods in Nepal. The people of India stand in solidarity with their sisters and brothers in Nepal at this difficult time.

India is ready to provide all possible humanitarian…

— Narendra Modi (@narendramodi) August 26, 2026

Spoke to Prime Minister Balendra Shah and conveyed condolences on the loss of lives due to the floods in Nepal. The people of India stand in solidarity with their sisters and brothers in Nepal at this difficult time.

India is ready to provide all possible humanitarian…

— Narendra Modi (@narendramodi) August 26, 2026


राहत सामग्री लेकर नेपाल जाएगा वायुसेना का विमान

नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान को गति देने के लिए भारतीय वायुसेना भी सक्रिय हो गई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार रात C-17 ग्लोबमास्टर विमान हिंडन एयरबेस से नेपाल के काठमांडू के लिए रवाना होगा। विमान में NDRF के जवान, राहत सामग्री और आधुनिक बचाव उपकरण भेजे जाएंगे।

काठमांडू पहुंचने के बाद राहत सामग्री को बसों के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने की योजना है। इसके अलावा गुरुवार सुबह C-130J हरक्यूलिस विमान से रसद, राहत सामग्री और दवाइयां नेपाल भेजे जाने की तैयारी है।

भारतीय सेना की पैरामेडिकल टीम को भी पूरी तरह तैयार रखा गया है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जरूरत पड़ने और आदेश मिलने पर इस टीम को नेपाल भेजा जा सकता है। यह टीम पहले श्रीलंका में भी राहत अभियान का हिस्सा रह चुकी है।

SSB ने सीमावर्ती इलाकों में 18 टीमें तैनात कीं

नेपाल में बाढ़ से मची तबाही के बाद भारत-नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा और राहत व्यवस्था को मजबूत किया गया है। PTI के मुताबिक, सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने सीमावर्ती इलाकों में बचाव और राहत कार्यों के लिए 18 टीमें तैनात की हैं।

SSB ने करीब 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी सभी यूनिट्स को अलर्ट कर दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

नेपाल में बाढ़ के बाद भारत के बिहार में भी अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन को संभावित बाढ़ और जलस्तर बढ़ने की स्थिति को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

भोटेकोशी नदी के किनारे सबसे ज्यादा तबाही

अचानक आई बाढ़ का सबसे ज्यादा असर भोटेकोशी नदी के किनारे बसे इलाकों में देखने को मिला है। उत्तरी रसुवा में बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स के चार जवान भी बाढ़ के बाद लापता बताए जा रहे हैं।

तेज बहाव की वजह से कई वाहन और इमारतें बह गई हैं। बाढ़ ने स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।

नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मुताबिक, बाढ़ से उसके छह बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और ट्रांसमिशन लाइनें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा नेपाल के कई प्रमुख हाईवे भी बंद कर दिए गए हैं, जिससे राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

नेपाल में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच भारत की ओर से राहत अभियान की तैयारी तेज कर दी गई है। वायुसेना के विमानों से राहत सामग्री, दवाइयां और आधुनिक उपकरण भेजे जा रहे हैं, जबकि NDRF और भारतीय सेना की टीमें जरूरत पड़ने पर नेपाल में अभियान के लिए तैयार हैं।

भारत और नेपाल की टीमें लगातार संपर्क में हैं और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने तथा राहत सामग्री पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।