आसमान से बरसती आग से बेहाल प्रयागराज, राहत के सारे इंतजाम फेल, संगम भी पड़ा सूना

Prayagraj: तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. पूरा शहर गर्म भट्टी की तरह तप रहा है. गर्मी और लू के चलते लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लोग आसमान से बरसती आग से बचने के लिए छांव का सहारा ले रहे हैं और बार-बार पानी पीकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं.
 

Prayagraj: प्रयागराज में भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है. हालात ऐसे हैं कि कूलर और पंखे भी लोगों को राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं.

भीषण लू और तेज धूप के कारण आमजन घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. आस्था का प्रमुख केंद्र संगम क्षेत्र भी गर्मी के असर से सूना पड़ा हुआ है. आम दिनों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार रहने वाला संगम घाट दोपहर के समय लगभग खाली दिखाई दे रहा है.

चिकित्सकों के अनुसार, इस तरह की गर्मी में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने की शिकायतें बढ़ सकती हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक जरूरी न हो तो धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पीएं और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें. संगम नगरी प्रयागराज में मई के महीने में आसमान से आग बरस रही है.

तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. पूरा शहर गर्म भट्टी की तरह तप रहा है. गर्मी और लू के चलते लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लोग आसमान से बरसती आग से बचने के लिए छांव का सहारा ले रहे हैं और बार-बार पानी पीकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं. भीषण गर्मी के कारण सड़कों पर सन्नाटा छाया हुआ है. संगम में श्रद्धालुओं की भीड़ में भी कमी देखी जा रही है. जो लोग आ रहे हैं, वे शाम होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि मौसम में कुछ नर्मी आए और वे बाहर निकल सकें. 

सूरज की तपती किरणों से सड़कें भी तप रही हैं. नगर निगम सड़कों को ठंडा करने के लिए पानी का छिड़काव कर रहा है ताकि लोगों को थोड़ी राहत मिल सके. गर्म हवा भी बड़ी समस्या बनी हुई है. लोगों को बार-बार प्यास लग रही है. बीते कुछ दिनों से प्रयागराज देश का सबसे गर्म शहर साबित हो रहा है. ज़बरदस्त गर्मी ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है. आग उगलते सूरज ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है. मजबूरी में बाहर निकलने वाले लोग पूरी सावधानी बरत रहे हैं, कोई अपने शरीर और चेहरे को ढककर चल रहा है, कोई छाता लगाकर धूप से बच रहा है, तो कोई ठंडा पानी और जूस पीकर राहत पाने की कोशिश कर रहा है. 

कुछ लोग अपनी झोपड़ियों पर पानी डालकर उन्हें ठंडा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन गर्मी अपनी चरम सीमा पर है. लोग अब त्राहिमाम कर रहे हैं. इस भीषण गर्मी में कूलर और पंखे भी बेअसर साबित हो रहे हैं. फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं क्योंकि अभी बाकी हैं वे नौ दिन की आफत, जिसे लोग नौ तपा के नाम से जानते हैं.