अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की तैयारी तेज, रामलला के दरबार में जलेंगे 1.5 लाख दीये

Ayodhya:  दीपावली के पावन अवसर पर रामलला के दरबार में इस बार भव्य और दिव्य नजारा देखने को मिलेगा. पूरे परिसर को करीब डेढ़ लाख दीयों से रोशन करने की तैयारी है. दीपों की रोशनी से राम मंदिर परिसर की भव्यता और भी निखरेगी. दीपावली के मौके पर अयोध्या में श्रद्धा और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिलेगा. रामलला के दरबार में जलने वाले हजारों-लाखों दीप श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे.
 
 

Ayodhya:   दीपावली के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या इस बार एक और भव्य और दिव्य दृश्य की साक्षी बनने जा रही है। राम जन्मभूमि परिसर में करीब डेढ़ लाख दीप जलाने की तैयारी की जा रही है। लगभग 70 एकड़ में फैले पूरे परिसर में मुख्य राम मंदिर से लेकर परकोटे, सप्तमंडपम और कुबेर टीले तक दीपों की कतारें सजाई जाएंगी।

परिसर में स्थित सभी 18 मंदिर तैयार हो चुके हैं और उनमें विग्रहों की स्थापना के साथ नियमित पूजा-अर्चना भी शुरू हो गई है। ऐसे में यह पहला अवसर होगा, जब राम जन्मभूमि परिसर के सभी मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को एक साथ दीपों से रोशन किया जाएगा।

मुख्य राम मंदिर और रामदरबार में होगी विशेष दीप सज्जा

दीपोत्सव के दौरान मुख्य राम मंदिर और रामदरबार को विशेष रूप से सजाया जाएगा। गर्भगृह में शुद्ध देशी घी के दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। वहीं पत्थर से बने स्ट्रक्चर पर मोम के दीप सजाए जाएंगे, जबकि खुले क्षेत्रों में सरसों के तेल के दीप जलाए जाएंगे।

दीपों के लिए अलग-अलग स्थानों पर अलग माध्यमों का इस्तेमाल किए जाने से पूरे परिसर में रोशनी की अलग-अलग छटा देखने को मिलेगी। दीपों की जगमगाहट के बीच राम मंदिर की भव्यता और भी निखरने की उम्मीद है।

परकोटे से कुबेर टीले तक सजेगी दीपों की कतार

इस बार दीप सज्जा को सिर्फ मुख्य राम मंदिर तक सीमित नहीं रखा जाएगा। परकोटे के छह मंदिर, सप्तमंडपम के सात मंदिर, शेषावतार मंदिर और कुबेर टीले स्थित कुबेश्वर महादेव मंदिर भी दीपों से सजाए जाएंगे।

सभी मंदिरों में विग्रह स्थापित होने और नियमित पूजा-अर्चना शुरू होने के बाद यह पहला अवसर है, जब पूरे राम जन्मभूमि परिसर को एक साथ दीपों से सजाने की तैयारी की जा रही है।

राम जन्मभूमि परिसर के 18 मंदिरों में जलेंगे दीप

दीपोत्सव के दौरान राम मंदिर और रामदरबार के अलावा परिसर के अन्य मंदिरों में भी दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इनमें भगवान शिव, कुबेश्वर महादेव, भगवान गणेश, भगवान सूर्य, मां दुर्गा, मां अन्नपूर्णा और हनुमानजी के मंदिर शामिल हैं।

इसके साथ ही शेषावतार लक्ष्मण, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, माता अहिल्या, माता शबरी, निषादराज और संत तुलसीदास के मंदिर भी दीपों से रोशन होंगे।

इस तरह पहली बार राम जन्मभूमि परिसर के सभी 18 मंदिर एक साथ दीपों की रोशनी में जगमगाते नजर आएंगे।

पूरी अयोध्या में जलेंगे 33 लाख दीप

राम जन्मभूमि परिसर में डेढ़ लाख दीपों के अलावा इस वर्ष पूरी अयोध्या में 33 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 96 हजार लीटर तेल और 64 लाख बत्तियों की व्यवस्था की जा रही है।

सरयू के प्रमुख घाटों के साथ रामनगरी के मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को भी दीपों से सजाया जाएगा। राम जन्मभूमि परिसर से लेकर सरयू तट तक दीपों की श्रृंखला अयोध्या के धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को और भव्य बनाएगी।

पहली बार दिखेगा पूरे राम जन्मभूमि परिसर का दिव्य स्वरूप

इस दीपोत्सव की सबसे खास बात यह होगी कि दीपों की रोशनी केवल मुख्य राम मंदिर तक सीमित नहीं रहेगी। परिसर के अलग-अलग हिस्सों और सभी 18 मंदिरों में एक साथ दीप प्रज्वलित किए जाने से पूरे राम जन्मभूमि परिसर का एक साथ जगमगाता स्वरूप देखने को मिलेगा।

दीपावली के अवसर पर रामलला के दरबार से लेकर कुबेर टीले और सरयू तट तक रोशनी की यह श्रृंखला अयोध्या में आस्था, संस्कृति और भव्यता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगी।