बंगाल में नई शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी तेज, राज्यपाल ने 20 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों संग की समीक्षा बैठक
Kolkata: पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. राज्यपाल ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 20 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों (Vice Chancellors) के साथ अहम बैठक की. बैठक में नई शिक्षा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू करने, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और विश्वविद्यालयों में आवश्यक शैक्षणिक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की गई. राज्यपाल आरएन रवि सुबह कोलकाता से फ्लाइट लेकर बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे. वहां से सीधे वे यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ बंगाल यानी NBU पहुंचे.
20 कुलपतियों के साथ बैठक
NBU में उन्होंने उत्तरबंगाल क्षेत्र के 20 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में मुख्य फोकस NEP 2020 को जमीन पर लागू करने, शोध को बढ़ावा देने और विश्वविद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर रहा. राज्यपाल ने बैठक में कहा कि उत्तर बंगाल के सभी 20 विश्वविद्यालयों को NEP 2020 को जल्द से जल्द पूरी तरह लागू करना होगा.
एक साथ मिलकर करें काम
राज्यपाल की इस पहल से उत्तरबंगाल के 20 विश्वविद्यालयों में NEP 2020 तेजी से लागू होगा. इससे छात्रों को बेहतर शिक्षा, स्किल और रोजगार के नए मौके मिलेंगे. साथ ही उत्तरकन्या में हुई बैठक से क्षेत्र के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी. राज्यपाल ने कहा कि उत्तर बंगाल को शिक्षा और ज्ञान का केंद्र बनाना है. इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों को एक साथ मिलकर काम करना होगा.
NEP 2020 क्या है?
NEP यानी National Education Policy 2020. केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति है. इसे 2020 में लागू किया गया था. इसका मकसद 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से शिक्षा व्यवस्था को बदलना है.
NEP 2020 की 5 मुख्य बातें
- 4 साल का डिग्री कोर्स : अब ग्रेजुएशन 3 साल के साथ 4 साल का ऑप्शन भी मिलेगा। बीच में एग्जिट का ऑप्शन भी है.
- मल्टीडिसिप्लिनरी शिक्षा : साइंस का छात्र आर्ट्स पढ़ सकेगा और आर्ट्स का छात्र टेक्नोलॉजी सीख सकेगा.
- स्किल और रोजगार पर जोर : कोर्स के साथ स्किल डेवलपमेंट अनिवार्य होगा ताकि छात्रों को नौकरी आसानी से मिले.
- मातृभाषा में पढ़ाई : प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा या स्थानीय भाषा में देने पर जोर.
- रिसर्च और इनोवेशन : हर विश्वविद्यालय में रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा.
उत्तरकन्या में भी हुई प्रशासनिक बैठक NBU का कार्यक्रम खत्म करने के बाद राज्यपाल दोपहर में उत्तरकन्या स्थित उत्तरबंगाल के शाखा सचिवालय पहुंचे. वहां उन्होंने उत्तरबंगाल के विकास, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की.
कुलपतियों ने भी अपने-अपने विश्वविद्यालयों की समस्याएं और जरूरतें राज्यपाल के सामने रखीं. दिनभर के सभी कार्यक्रम निपटाने के बाद राज्यपाल शाम को फ्लाइट से कोलकाता वापस लौटेंगे.