बंगाल में रूसी निवेश की तैयारी! Semiconductor-Data Center पर बड़ा प्लान, पूजा से पहले हल्दिया को सौगात?
Kolkata: पश्चिम बंगाल में सेमीकंडक्टर उद्योग और डेटा सेंटर के क्षेत्र में रूसी कंपनियों के निवेश की संभावनाएं बन रही हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद शमिक भट्टाचार्य ने सोमवार को दावा किया कि रूसी कंपनियों ने राज्य में इन क्षेत्रों में निवेश करने में रुचि दिखाई है। निवेश की संभावनाओं पर चर्चा के लिए वह जल्द ही मुंबई का दौरा करेंगे।
सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर में निवेश की उम्मीद
शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देने के लिए भारी उद्योग के साथ-साथ स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने संकेत दिया कि रूसी कंपनियों के साथ सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे हाईटेक क्षेत्रों में निवेश को लेकर बातचीत आगे बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश का माहौल बेहतर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देगा और रातोंरात बंगाल की तस्वीर बदलना संभव नहीं है।
'स्टार्टअप और भारी उद्योग के बिना विकास मुश्किल'
गणेश पूजा पंडाल के उद्घाटन के मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बंगाल की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए भारी उद्योग और स्टार्टअप दोनों जरूरी हैं। उन्होंने दावा किया कि नई सरकार बनने के बाद सिंडिकेट राज खत्म हुआ है और आने वाले कुछ महीनों में इसका प्रभाव दिखाई देने लगेगा।
शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां बड़े उद्योगों के साथ-साथ नए उद्यम और तकनीकी कंपनियां भी निवेश कर सकें।
पूजा से पहले हल्दिया में नए प्लांट का उद्घाटन!
इस बीच हल्दिया को भी जल्द बड़ी औद्योगिक सौगात मिलने की उम्मीद है। शमिक भट्टाचार्य के मुताबिक, दुर्गा पूजा से पहले हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स के नए प्लांट का उद्घाटन हो सकता है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना को लेकर उद्योगपति पूर्णेंदु चट्टोपाध्याय से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की बातचीत हुई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री नई परियोजना का शुभारंभ कर सकते हैं।
बंगाल में निवेश को लेकर बढ़ी हलचल
सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और पेट्रोकेमिकल जैसे क्षेत्रों में प्रस्तावित निवेश को राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर ये परियोजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ बंगाल के औद्योगिक ढांचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, रूसी निवेश और प्रस्तावित परियोजनाओं से जुड़ी अंतिम राशि, कंपनियों के नाम और औपचारिक समझौते की जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।