Pune Gen-Z Protest: MPSC परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर हजारों छात्र सड़क पर! जंतर-मंतर जैसा नजारा
Pune Protest: दिल्ली और रांची के बाद अब पुणे में भी Gen-Z छात्रों का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ी के विरोध में बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि सरकारी भर्ती परीक्षाएं युवाओं के लिए सरकारी नौकरी हासिल करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की खबरों से अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
MPSC भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में MPSC की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना शामिल है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से जुड़े फैसलों, परिणामों और भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों को लेकर आयोग की ओर से उम्मीदवारों को स्पष्ट और विश्वसनीय जानकारी मिलनी चाहिए।
अभ्यर्थियों ने कथित अनियमितताओं की जांच कराने और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करने की भी मांग उठाई है। प्रदर्शनकारी MPSC की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
MPSC चेयरमैन के इस्तीफे की मांग
आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों की ओर से MPSC के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग भी किए जाने की बात सामने आई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो आयोग को अभ्यर्थियों की चिंताओं का स्पष्ट जवाब देना चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
छात्रों का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा कई वर्षों तक दिन-रात मेहनत करते हैं। इसके बावजूद अगर उन्हें पेपर लीक, परीक्षा में कथित गड़बड़ी या भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं जैसी समस्याओं का सामना करना पड़े, तो उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं।
महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से छात्रों के जुटने की तैयारी
प्रदर्शन में महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के शामिल होने की संभावना है। अभ्यर्थी पुणे की सड़कों पर मार्च के जरिए अपनी मांगों को सरकार और महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद होनी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर अवसर मिल सके।
युवाओं में बढ़ रहा परीक्षा व्यवस्था को लेकर असंतोष
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवा वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी कथित अनियमितता का सीधा असर उनके करियर पर पड़ता है।
पुणे में चल रहे इस आंदोलन के जरिए छात्र सरकार और MPSC से परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों की नजर अब इस बात पर है कि उनकी मांगों पर आयोग और सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।