Punjab Congress New President: राजा वड़िंग के बाद कौन? शुक्रवार को होगा बड़ा ऐलान! ये नाम चर्चा में

Chandigarh:  पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हैं. अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के पद से हटने के बाद कांग्रेस हाईकमान नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का जल्द ऐलान कर सकता है. ताजा रिपोर्टों में विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुख दावेदार के तौर पर सामने आया है, जबकि परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कुछ अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में बताए गए हैं.
 

Chandigarh:  पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस हाईकमान की ओर से नेतृत्व परिवर्तन का संकेत मिलने के बाद वड़िंग ने इस्तीफा दिया। अब पार्टी जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकती है।

नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से सामने आया है। वहीं परगट सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा केपी सिंह और सुखबिंदर सिंह सरकारिया समेत कुछ अन्य नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों में बताए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में सिंगला को इस पद के लिए प्रमुख दावेदार बताया गया है, हालांकि औपचारिक घोषणा होने तक अंतिम नाम की पुष्टि नहीं मानी जा सकती।

सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद तेज हुआ नेतृत्व परिवर्तन

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया के बीच पार्टी के नए पंजाब प्रभारी सचिन पायलट की भूमिका भी चर्चा में है। पायलट ने सितंबर में प्रभारी का पद संभालने के बाद राज्य के वरिष्ठ नेताओं और संगठन से जुड़े लोगों से बातचीत की थी।

रिपोर्टों के मुताबिक, संगठन की स्थिति और नेताओं के बीच मतभेदों को लेकर पायलट ने हाईकमान को रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला किया। हालांकि, रिपोर्ट में शामिल आंतरिक आकलन और नेताओं की राय पार्टी के अंदरूनी सूत्रों पर आधारित हैं।

विजय इंदर सिंगला और परगट सिंह के नाम चर्चा में

नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सबसे अधिक चर्चा विजय इंदर सिंगला और परगट सिंह के नाम की है। सिंगला पूर्व मंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य हैं। जुलाई में उन्हें पार्टी की चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

वहीं जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह भी संभावित नामों में शामिल हैं। इसके अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम पर भी पार्टी स्तर पर विचार किए जाने की रिपोर्टें सामने आई हैं।

लंबे समय से सामने आ रही थी अंदरूनी खींचतान

पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से संगठनात्मक मतभेदों की खबरें सामने आती रही हैं। पार्टी ने इससे पहले भी अलग-अलग नेताओं को अलग-अलग संगठनात्मक जिम्मेदारियां देकर संतुलन बनाने की कोशिश की थी।

राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने के साथ चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके अलावा वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न समितियों में भूमिका दी गई थी। इसके बावजूद पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों के बीच मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हो सके।

जुलाई में भी नेतृत्व को लेकर हुआ था मंथन

2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए कांग्रेस ने इस साल जुलाई में पंजाब संगठन को लेकर कई स्तरों पर चर्चा की थी। उस समय वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रखा गया था, जबकि चन्नी को प्रचार अभियान समिति की कमान दी गई थी।

इसके बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठन के कामकाज को लेकर मतभेदों की खबरें सामने आती रहीं। कांग्रेस ने अलग-अलग गुटों के नेताओं के बीच समन्वय की कोशिश भी की।

2027 के चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की चुनौती

पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष का बदलाव चुनावी तैयारियों से पहले संगठन के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

कांग्रेस के सामने नए प्रदेश अध्यक्ष के जरिए संगठन को मजबूत करने, विभिन्न गुटों के बीच समन्वय कायम करने और चुनावी तैयारियों को गति देने की चुनौती होगी। पार्टी को पिछले विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन के बाद राज्य में अपनी संगठनात्मक स्थिति मजबूत करने पर भी काम करना होगा।

2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस को 117 सदस्यीय विधानसभा में 18 सीटें मिली थीं।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस हाईकमान की ओर से नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा का इंतजार है। रिपोर्टों के मुताबिक यह घोषणा जल्द हो सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय कांग्रेस नेतृत्व की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

इस बीच विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह और अन्य संभावित नामों को लेकर पार्टी के भीतर चर्चाएं जारी हैं। नए अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी पंजाब कांग्रेस को चुनाव से पहले संगठनात्मक रूप से तैयार करने की होगी।