Railway PNR Change: अब 500 और 700 से शुरू होगा PNR! रेलवे ने बदली पुरानी सीरीज, जानें नया नियम

UP:  भारतीय रेलवे अपनी दशकों पुरानी PNR सीरीज में बदलाव करने जा रहा है. नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम के तहत अब 10 अंकों वाले PNR नंबर की शुरुआत 1, 3, 5 या 7 जैसे विषम अंकों से हो सकेगी. रेलवे की योजना दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह तक नई व्यवस्था को देशभर की ट्रेनों में लागू करने की है.
 
 

UP:  अगर आपके मोबाइल पर रेलवे टिकट का ऐसा PNR नंबर आए, जो 500 या 700 जैसे अंकों से शुरू हो रहा हो, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह साइबर फ्रॉड नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की नई व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है। रेलवे अपनी दशकों पुरानी PNR सीरीज में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम के तहत अब ट्रेन टिकटों के PNR नंबर की शुरुआती सीरीज बदली जाएगी। रेलवे की तैयारी के मुताबिक, दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह तक देशभर की ट्रेनों में नई व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य है।

1986 से चली आ रही PNR व्यवस्था में बदलाव

भारतीय रेलवे में कंप्यूटरीकृत आरक्षण प्रणाली शुरू होने के बाद से PNR नंबर 10 अंकों का रहा है। अब तक PNR के शुरुआती अंकों का संबंध आरक्षण केंद्र और रेलवे क्षेत्र की पहचान से रहा है। पुरानी व्यवस्था के तहत दिल्ली से जुड़े आरक्षण केंद्रों के PNR नंबर 2, कोलकाता के 6, मुंबई के 8 और चेन्नई के 4 से शुरू होते थे।

अब नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम के तहत PNR की शुरुआत 1, 3, 5 या 7 जैसे विषम अंकों से हो सकेगी। इस बदलाव का उद्देश्य रेलवे की आरक्षण प्रणाली को आधुनिक बनाना और यात्रियों को टिकट बुकिंग से जुड़ी सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराना है।

1230 ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत हो रहा बदलाव

रेलवे ने नई PNR व्यवस्था को लागू करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत 1230 ट्रेनों को शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है। नई सीरीज लागू होने के बाद यात्रियों को टिकट पर पहले से अलग शुरुआती अंक दिखाई दे सकते हैं।

इस बदलाव की शुरुआत लखनऊ से जुड़े आरक्षण सिस्टम में भी हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक, ट्रेन नंबर 14210 के PNR नंबर अब 500 से शुरू हो रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस और पुष्पक एक्सप्रेस में कब बदलेगा PNR?

नई व्यवस्था के तहत कुछ प्रमुख ट्रेनों में PNR सीरीज बदलने की तारीखें भी निर्धारित की गई हैं।

  • लखनऊ मेल और एसी एक्सप्रेस: 17 नवंबर 2026 से नई PNR सीरीज लागू होने की जानकारी दी गई है।

  • पुष्पक एक्सप्रेस: 2 दिसंबर 2026 से PNR सीरीज में बदलाव प्रस्तावित है।

  • देशभर की ट्रेनें: दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह तक नई व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य है।

इन बदलावों के बाद यात्रियों को टिकट पर नया PNR पैटर्न दिखाई दे सकता है। हालांकि, केवल शुरुआती अंक बदलने से टिकट फर्जी नहीं हो जाता। यात्रियों को टिकट की पुष्टि आधिकारिक रेलवे माध्यमों से करनी चाहिए।

टिकट बुकिंग होगी आसान, कई जानकारियां मिलेंगी एक साथ

नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम लागू होने के बाद रेलवे की आरक्षण प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और तेज बनाने की योजना है। नए सिस्टम में टिकट बुकिंग के दौरान नाम में गलती सुधारने, सीट की उपलब्धता, किराया और बर्थ की स्थिति जैसी जानकारियां एक साथ उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

इससे टिकट बुक करने वाले यात्रियों को अलग-अलग जानकारियां प्राप्त करने में कम परेशानी हो सकती है। रेलवे की आरक्षण प्रणाली को आधुनिक बनाने से परिचालन संबंधी प्रक्रियाओं में भी सुधार की उम्मीद है।

पुराने टिकट की तारीख बदलने पर यात्रियों को रखना होगा ध्यान

PNR नंबर की नई सीरीज लागू होने का मतलब यह नहीं है कि पहले से बुक टिकट अपने आप अमान्य हो जाएंगे। पुराने सिस्टम में बुक टिकट पर निर्धारित यात्रा सामान्य रूप से की जा सकती है, बशर्ते टिकट वैध हो।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुराने सिस्टम में बुक टिकट की यात्रा तारीख को नए सिस्टम में बदलने की स्थिति में यात्री को टिकट रद्द कराकर नया टिकट बनवाना पड़ सकता है। इसलिए यात्रा की तारीख में बदलाव कराने से पहले रेलवे के लागू नियमों की जानकारी लेना जरूरी होगा।

कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे की नई PNR व्यवस्था का उद्देश्य आरक्षण प्रणाली को आधुनिक बनाना और टिकट बुकिंग को आसान करना है। ऐसे में अगर दिसंबर से आपके ट्रेन टिकट का PNR नंबर 500, 700 या किसी अन्य नई सीरीज से शुरू होता है, तो सिर्फ शुरुआती अंक देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। टिकट की प्रामाणिकता की पुष्टि रेलवे के आधिकारिक माध्यम से जरूर करें।