देश में बारिश का संकट! 15% तक कम हो सकती है बारिश, कई राज्यों की बढ़ी चिंता

Indian Weather Report: देश में मानसून को लेकर चिंता बढ़ने लगी है. इस साल बारिश की कमी बढ़कर 15 फीसदी तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. बारिश कम होने का असर कई राज्यों में खेती और जल संसाधनों पर पड़ सकता है. मौसम के इस बदलाव ने किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.
 

National: देश में इस मानसून सीजन बारिश की कमी लगातार बढ़ रही है। 8 सितंबर तक देश में सामान्य से 14 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। अनुमान है कि मानसून सीजन खत्म होने तक यह कमी करीब 15 फीसदी तक पहुंच सकती है। पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में कम बारिश के कारण खेती और जल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।

आंध्र प्रदेश और पंजाब में सबसे ज्यादा कमी

राज्यवार आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश में 44 फीसदी, पंजाब में 39 फीसदी, राजस्थान में 25 फीसदी, गुजरात में 19 फीसदी और महाराष्ट्र में 16 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश में भी सामान्य से करीब 7 फीसदी कम बारिश हुई है।

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ जैसे इलाकों में कम बारिश का असर खेती पर पड़ा है। वहीं राजस्थान में करीब 25 फीसदी की कमी के बावजूद देर से होने वाली बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ने और रबी फसल की तैयारी में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

लो-प्रेशर सिस्टम से मिल सकती है राहत

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगस्त में कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने के कारण बारिश की कमी बढ़ी। अब बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र से मध्य और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का अनुमान जताया है। ओडिशा में 10 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

10 से 16 सितंबर तक कई राज्यों में बारिश

आईएमडी के अनुसार 10 से 16 सितंबर के बीच हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर भारत, कोंकण-गोवा, तमिलनाडु और केरल के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में अगले 48 घंटों के दौरान खराब मौसम और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है। मानसून की वापसी करीब 17 सितंबर के आसपास शुरू होने का अनुमान है, हालांकि यह प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ती है।