राम मंदिर ट्रस्ट का सख्त रुख: नियमों को ताक पर रखकर हुई नियुक्तियों की होगी जांच, दोषी कर्मचारियों पर गिरेगी गाज
New Delhi: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कथित चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट ने सिफारिश और नियमों की अनदेखी कर की गई नियुक्तियों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट उन सभी नियुक्तियों की जांच कर रहा है, जो निर्धारित भर्ती प्रक्रिया का पालन किए बिना की गई थीं। जांच के दौरान यदि कोई कर्मचारी नियमों के विपरीत नियुक्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें सेवा समाप्ति जैसे कठोर कदम भी शामिल हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमसम्मत बनाना है, ताकि भविष्य में किसी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और श्रद्धालुओं के विश्वास को और सुदृढ़ करने के लिए यह फैसला लिया गया है। साथ ही नियुक्तियों की प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
माना जा रहा है कि इस समीक्षा के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर नए दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।