राम मंदिर दान चोरी केस: 80 लाख रुपये बरामद, आठों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

Ayodhya: एसआईटी टीम के जांच में पता चला कि मंदिर में दान की गिनती के लिए बनाई गई कैश काउंटिंग यूनिट में ही कथित अनियमितता हुई. आरोप है कि दान पेटियों से नकदी निकालकर उसका गबन किया गया और शुरुआती जांच में यह पता चला कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही सुनियोजित गतिविधि हो सकती है.
 

Ayodhya: राम मंदिर में दान राशि चोरी के मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 80 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. मामले में गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी की पूरी साजिश कैसे रची गई और इसमें अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं थी.

इस मामले की जांच कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस और एसआईटी की टीम ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, जांच के दौरान तकरीब 80 लाख रुपये कैश भी बरामद किए गए हैं. इस घटना ने मंदिर की दान व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

कैसे सामने आया पूरा मामला

एसआईटी टीम के जांच में पता चला कि मंदिर में दान की गिनती के लिए बनाई गई कैश काउंटिंग यूनिट में ही कथित अनियमितता हुई. आरोप है कि दान पेटियों से नकदी निकालकर उसका गबन किया गया और शुरुआती जांच में यह पता चला कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही सुनियोजित गतिविधि हो सकती है.

एसआईटी की जांच में बड़ा खुलासा

एसआईटी ने जांच के दौरान कैश काउंटिंग यूनिट से जुड़े कुछ कर्मचारियों भूमिका संदिग्ध पाई गई. इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और आठ लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया. अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

80 लाख रुपये बरामद, जांच जारी

पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग 80 लाख रुपये कैश बरामद किए हैं.पुलिस द्वारा अब इस रकम की जांच -पड़ताल कर पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के पास इतना पैसा कहां से आया और इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कुल कितनी राशि की चोरी हुई है.

इस घटना के बाद मंदिर प्रशासन दान प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रहा है.एसआईटी अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.