गाजियाबाद में खरगे के ‘शुद्धिकरण’ पर भड़के सचिन पायलट, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

Uttar Pradesh: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर BJP पर निशाना साधा. उन्होंने सत्ता और पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि कानून तोड़ने वाला व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. पायलट ने कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं और कांग्रेस सिर्फ न्याय की मांग कर रही है. 
 

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और सत्ता व पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वाला व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

कानून तोड़ने वालों पर हो कार्रवाई

मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा कि संविधान के खिलाफ काम करने वालों पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने जातिवाद से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानून के खिलाफ काम करता है और उसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

पायलट ने जोर देकर कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं। किसी व्यक्ति की राजनीतिक पहचान या प्रभाव के आधार पर कानून का अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

FIR दर्ज कराने के पीछे क्या बताया मकसद?

सचिन पायलट ने कहा कि FIR दर्ज कराने का उद्देश्य केवल किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कराना नहीं है, बल्कि इससे समाज में एक स्पष्ट संदेश जाता है कि देश में कानून सभी के लिए समान है।

उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, बड़ा उद्योगपति हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर वह कानून तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

खरगे के कार्यक्रम को लेकर BJP पर निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की गाजियाबाद में मौजूदगी को लेकर भी पायलट ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खरगे वहां भाषण देने पहुंचे थे और उन्होंने किसी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया।

इसके बावजूद, पायलट के अनुसार, उनकी मौजूदगी भाजपा को स्वीकार नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे के कार्यक्रम के बाद वहां ‘शुद्धिकरण’ किया गया।

‘दलित समाज का व्यक्ति क्या महसूस करेगा?’

सचिन पायलट ने इस पूरे घटनाक्रम को दलित समाज से जोड़ते हुए भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना के बाद आम दलित समाज का व्यक्ति क्या महसूस करता होगा, इस पर विचार किया जाना चाहिए।

पायलट ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाओं से यह संदेश जाता है कि प्रभावशाली या किसी विशेष विचारधारा से जुड़े लोग कानून तोड़ सकते हैं और संविधान का अपमान कर सकते हैं, फिर भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।

उन्होंने इसे गलत मानसिकता बताते हुए कहा कि कांग्रेस किसी के खिलाफ बदले की कार्रवाई नहीं, बल्कि न्याय और कानून के समान रूप से लागू होने की मांग कर रही है।

सियासत हुई तेज

गाजियाबाद में खरगे के कार्यक्रम से जुड़े इस विवाद ने उत्तर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस जहां इसे संविधान और सामाजिक सम्मान से जोड़कर भाजपा पर हमलावर है, वहीं इस मुद्दे को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।