मिलन प्रधान की जमानत पर SC सख्त! बंगाल सरकार को झटका? कोर्ट ने कहा- ‘रद्द कर देंगे’
Kolkata: पश्चिम बंगाल सरकार ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कलकत्ता हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राज्य सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होनी है। हालांकि, सुनवाई से पहले ही भारत के मुख्य न्यायाधीश ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिका खारिज कर दी जाएगी, लेकिन इस पर सोमवार को सुनवाई के बाद ही फैसला लिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने दी थी अंतरिम जमानत
मिलन प्रधान को कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दी थी। हालांकि, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें अब तक जेल से रिहा नहीं किया जा सका है। इसी बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने हाईकोर्ट के जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गई कि यदि किसी व्यक्ति को चुनाव लड़ने के लिए जमानत दी जाती है, तो उसे इसका कोई अतिरिक्त लाभ क्यों मिलना चाहिए। सरकार ने इसी आधार पर हाईकोर्ट के अंतरिम जमानत के आदेश पर सवाल उठाया है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
राज्य सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई निर्धारित है। सुनवाई से पहले मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की, “हम इस याचिका को खारिज कर देंगे, लेकिन हम इसे सोमवार को सुनवाई के बाद ही खारिज करेंगे।”
अब सोमवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण मिलन प्रधान की रिहाई भी अटकी हुई है।
नंदीग्राम उपचुनाव से जुड़ा है मामला
मिलन प्रधान नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। ऐसे में उनकी जमानत और रिहाई का मामला सीधे चुनावी प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से मामले ने कानूनी रूप से नया मोड़ ले लिया है।