बंगाल में ब्लड डोनेशन के नाम पर देखिये बच्चों को कैसे बनाया जाता था बेवकूफ, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

Kolkata: शिकायतकर्ता अभिभावक सुखेन पाल ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पैसों का लालच देकर रक्तदान के लिए अस्पताल ले जाया गया. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
 

Kolkata: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि कुछ लोगों ने पैसों का लालच देकर नाबालिग स्कूली छात्रों को अस्पताल ले जाकर उनसे रक्तदान कराया. मामले के सामने आने के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश है. स्कूल प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है.

पैसों का लालच देकर छात्रों को अस्पताल ले जाने का आरोप

शिकायतकर्ता अभिभावक सुखेन पाल ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पैसों का लालच देकर रक्तदान के लिए अस्पताल ले जाया गया. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.

अभिभावकों का आरोप है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा भी हो सकता है.

तीन नाबालिग छात्रों से कराया गया रक्तदान

आरोपों के अनुसार, दुर्गापुर के इस्पात नगर स्थित एक निजी स्कूल के तीन नाबालिग छात्रों को बहला-फुसलाकर विधाननगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया. वहां उन्हें एक मरीज के परिजन के रूप में पेश कर रक्तदान कराया गया.

सबसे गंभीर आरोप यह है कि रक्त संग्रह की प्रक्रिया के दौरान सरकारी दस्तावेजों में छात्रों की वास्तविक उम्र बदलकर उन्हें बालिग दिखाया गया, ताकि रक्तदान की प्रक्रिया पूरी की जा सके.

स्कूल के पूर्व छात्र पर भी आरोप

इस मामले में उसी स्कूल के एक पूर्व छात्र का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि वर्तमान में वह भिरिंगी टीएन हाई स्कूल का छात्र है और उसने अन्य छात्रों को रक्तदान के लिए तैयार करने में भूमिका निभाई.

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय है या यह अलग-थलग घटना है.

स्कूल प्रशासन ने दर्ज कराई शिकायत

घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित निजी स्कूल प्रशासन सक्रिय हो गया. स्कूल की प्राचार्या देवयानी बोस ने अभिभावकों के साथ मिलकर दुर्गापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई.

प्राचार्या ने कहा कि जैसे ही उन्हें मामले की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया. उन्होंने कहा कि एजेंटों के माध्यम से नाबालिग छात्रों से रक्तदान कराना बेहद गंभीर और आपराधिक मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने दी कड़ी चेतावनी

मामले की जानकारी मिलने के बाद राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को पैसों का लालच देकर रक्तदान कराना बेहद शर्मनाक है और इस तरह की घटना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती.

उन्होंने कहा कि पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और इस पूरे मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

पुलिस कमिश्नर बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (ADPC) के पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार ने बताया कि इस मामले में लिखित शिकायत प्राप्त हुई है और जांच शुरू कर दी गई है.

उन्होंने कहा कि पुलिस सभी तथ्यों और आरोपों की गहराई से जांच कर रही है. यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

अभिभावकों में चिंता, जांच पर टिकी निगाहें

घटना के बाद स्थानीय अभिभावकों में चिंता और नाराजगी का माहौल है. वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. फिलहाल पुलिस दस्तावेजों, अस्पताल की प्रक्रिया और कथित तौर पर शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी.