शिवा शर्मा मौत मामले में श्रद्धा दुबे समेत 3 की जमानत खारिज, court ने साफ़ साफ़ कहा...

कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे समेत तीन आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली है. सीजेएम कोर्ट ने श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं. अदालत ने मामले की गंभीरता और ट्रायल से जुड़े कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखा.
 

UP:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा मौत मामले में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे और उनके साथ गिरफ्तार दो अन्य आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता और सुनवाई से जुड़े कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार किया। इस फैसले के बाद तीनों आरोपियों को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रहना होगा।

शिवा शर्मा की मौत का मामला सामने आने के बाद से ही यह घटना चर्चा में है। मृतक के परिजनों ने इसे हादसा मानने के बजाय हत्या का मामला बताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

CJM कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत याचिका?

श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली की ओर से अदालत में जमानत के लिए आवेदन दिया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की प्रकृति और विचारण से संबंधित कानूनी पहलुओं पर विचार किया।

अदालत के अनुसार, मामले का ट्रायल सेशन कोर्ट में होना है। ऐसे में सीजेएम कोर्ट के स्तर पर आरोपियों को जमानत देने का उचित आधार नहीं बनता। अपराध की गंभीरता को भी ध्यान में रखते हुए तीनों की जमानत अर्जियां खारिज कर दी गईं।

इस फैसले के बाद आरोपियों को जमानत के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी। हालांकि, जमानत याचिका खारिज होना अपने आप में आरोप साबित होने के बराबर नहीं है।

नागपुर से गिरफ्तार किए गए थे तीनों आरोपी

इस मामले में पुलिस ने मॉडल श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद तीनों को लखनऊ लाया गया और अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।

अब सीजेएम कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के कारण तीनों की हिरासत जारी रहेगी। मामले की आगे की सुनवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

क्या है शिवा शर्मा की मौत का पूरा मामला?

यह घटना 9 अक्टूबर 2026 की बताई जा रही है। लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में प्राग नारायण रोड स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत हो गई थी।

शुरुआत में घटना को दुर्घटना के तौर पर देखा गया, लेकिन बाद में मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए। शिवा की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली समेत आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।

परिजनों ने लगाया मारपीट कर नीचे फेंकने का आरोप

शिवा शर्मा के परिजनों का आरोप है कि घटना से पहले उनके साथ मारपीट की गई और इसके बाद उन्हें अपार्टमेंट से नीचे फेंक दिया गया। इसी शिकायत के आधार पर मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।

हालांकि, परिजनों के आरोपों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगी। फिलहाल अदालत में आरोप साबित नहीं हुए हैं। इसलिए मामले में सभी आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायालय के फैसले के बाद ही किया जा सकेगा।

अब आगे क्या होगा?

सीजेएम कोर्ट द्वारा जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद तीनों आरोपियों के पास नियमानुसार सक्षम अदालत में जमानत के लिए आवेदन करने का विकल्प हो सकता है। वहीं, मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में होने की बात कही गई है।

अब इस प्रकरण में आगे की कानूनी कार्यवाही, जांच से जुड़े तथ्य और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। शिवा शर्मा की मौत दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई आपराधिक घटना थी, इसका अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

फिलहाल, शिवा शर्मा मौत मामले में तीनों आरोपियों को जमानत नहीं मिली है और उन्हें न्यायिक हिरासत में रहना होगा।